बेटी सपना ने मां की सेवा से अंतिम विदाई तक निभाया बेटे का फर्ज,माधवनगर मुक्तिधाम में बेटी ने दी मुखाग्नि, मां की स्मृति में निर्माणाधीन शिव मंदिर के लिए 21 हजार रुपये किए दा
कटनी। मां-बेटी का रिश्ता प्रेम, ममता और संवेदनाओं का अनमोल बंधन है। जब यही रिश्ता सेवा, समर्पण और कर्तव्य की मिसाल बनकर सामने आता है, तो हर आंख नम हो जाती है। माधवनगर में ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला, जहां विवाहित बेटी सपना मोटवानी ने अपनी अस्वस्थ मां की लंबे समय तक सेवा-सुश्रुषा की और उनके निधन के बाद मुखाग्नि देकर बेटे का फर्ज भी निभाया। मां की अंतिम इच्छा को साकार करने वाली बेटी के इस समर्पण ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
माधवनगर निवासी सपना ब्यूटी सेंटर की संचालिका सपना मोटवानी की मां शीला देवी चंदवानी, स्वर्गीय ज्ञानचंद चंदवानी का बीती रात आकस्मिक निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थीं। सपना ने अपनी मां को ससुराल में अपने साथ रखकर उनकी देखभाल की और उपचार में कोई कमी नहीं छोड़ी। मां की सेवा से लेकर अंतिम संस्कार तक बेटी ने अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाया।
मंगलवार, 13 अक्टूबर को दोपहर एक बजे शीला देवी के निज निवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। माधवनगर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान बेटी सपना मोटवानी ने मुखाग्नि देकर मां को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद परिजनों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों की आंखें नम हो गईं। सिंधी समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने दिवंगत शीला देवी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मां की इच्छा को बेटी ने किया साकार
बताया गया कि शीला देवी की इच्छा थी कि वृद्धावस्था में उनकी लाडली बेटी उनकी देखभाल करे और अंतिम समय में उन्हें मुखाग्नि देकर विदा करे। सपना ने मां की इस इच्छा को पूरा करने के लिए उन्हें अपने साथ रखा और बीमारी के दौरान उनकी सेवा की। मां के निधन से परिवार में शोक की लहर है। बेटी सपना मोटवानी, मुस्कान मोटवानी तथा नातिन प्रिंसी मोटवानी, हर्षिता मोटवानी और चंचल चंदवानी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मां की स्मृति में शिव मंदिर के लिए दान किए 21 हजार रुपये
मां के अंतिम संस्कार के बाद सपना मोटवानी ने माधवनगर मुक्तिधाम में निर्माणाधीन शिव मंदिर के लिए अपनी मां की स्मृति में 21 हजार रुपये की राशि दान की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि मां की अपूरणीय क्षति की भरपाई जीवनभर नहीं हो सकती। मां की सेवा और अंतिम संस्कार का कर्तव्य निभाने के बाद अब वह उनके पुण्य प्रताप से अधिक से अधिक मानव सेवा और पुण्य कार्य करने का प्रयास करती रहेंगी।
सेवा और समर्पण से समाज को मिली प्रेरणा
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व कांग्रेस नेता गंगाराम कटारिया ने कहा कि सुशील मोटवानी और सपना मोटवानी ने वृद्धावस्था में शीला देवी की सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी। उनका सेवाभाव और समर्पण समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना सबसे बड़ा मानवीय धर्म है और परिवार के प्रति ऐसी जिम्मेदारी सभी के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर बाम्बे होटल के डायरेक्टर प्रकाश आहूजा, पूर्व पार्षद राजू माखीजा, खियल चावला, पार्षद गोविंद चावला, हरीश बनवानी, श्रीटाल, रूपचंद आडवानी, राजेश खूबचंदानी, पत्रकार भवानी तिवारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

