अंधेरा भी है सेहत के लिए जरूरी: रात की रोशनी बढ़ा रही अवसाद, दिल और कैंसर का खतरा। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप और कृत्रिम रोशनी में काम करते रहते हैं, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह आदत सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर को जितना उजाला चाहिए, उतना ही अंधेरा भी जरूरी है।
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अंधेरा भी है सेहत के लिए जरूरी: रात की रोशनी बढ़ा रही अवसाद, दिल और कैंसर का खतरा
जैविक घड़ी बिगाड़ रही कृत्रिम रोशनी
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के डॉक्टरों के अनुसार, लगातार कृत्रिम रोशनी में रहने से शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक प्रभावित होती है। इससे मानसिक तनाव, नींद की समस्या और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर असर
मनोचिकित्सकों के मुताबिक, अंधेरा होने पर शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन बनता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है।
लेकिन तेज रोशनी में रहने से इसका उत्पादन कम हो जाता है, जिससे:
- अनिद्रा (Insomnia)
- बेचैनी
- अवसाद (Depression)
जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
दिल के लिए भी खतरा
हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रात में लगातार रोशनी में रहने से नींद खराब होती है और तनाव बढ़ता है। इससे हार्ट डिजीज का खतरा भी बढ़ सकता है।
कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है
विशेषज्ञों के अनुसार, मेलाटोनिन की कमी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देती है। इससे कैंसर, खासकर स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
कैसे बचें इस खतरे से?
- सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल-लैपटॉप बंद करें
- बेडरूम में पूरी तरह अंधेरा रखें
- मोटे पर्दों का इस्तेमाल करें
- रात 12 से सुबह 6 बजे तक तेज रोशनी से बचें
अंधेरा सिर्फ नींद के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर की सेहत के लिए जरूरी है। अगर आप देर रात तक रोशनी में रहते हैं, तो यह आदत बदलना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।

