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राहुल गांधी के कार्यक्रम पर लगा ग्रहण, दरभंगा DWO ने नहीं दी आयोजन की इजाजत

Rahul Gandhi

दरभंगा: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 15 मई को बिहार दौरे पर आ रहे हैं. पटना और दरभंगा में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है लेकिन अब उनके दरभंगा दौरे पर ग्रहण लगता दिख रहा है क्योंकि जिस कार्यक्रम में वह शामिल होने के लिए आ रहे थे, उसको मंजूरी नहीं मिली है. एनएसयूआई के नेशनल सेक्रेटरी शादाब अख्तर ने परमिशन मांगी थी लेकिन जिला कल्याण पदाधिकारी ने इजाजत देने से इंकार कर दिया है.

छात्रों से संवाद करने वाले थे राहुल गांधी: असल में 15 मई को दरभंगा के अंबेडकर हॉस्टल में राहुल गांधी का कार्यक्रम तय था. जहां वह 2000 से अधिक छात्रों के साथ संवाद करने वाले थे. इसके लिए तैयारियां भी पूरी हो गईं थीं लेकिन 14 मई को दरभंगा जिला कल्याण पदाधिकारी ने अंबेडकर छात्रावास में प्रस्तावित इस कार्यक्रम को अनुमति देने से मना कर दिया.

राहुल गांधी के कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति: जिला कल्याण पदाधिकारी ने नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय सचिव मो. शादाब अख्तर के पत्र के जवाब में कहा कि 15 मई को दरभंगा के मोगलपुरा स्थित डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी गई थी, लेकिन विभाग की ओर से उस आयोजन की इजाजत नहीं दी जा सकती है. हालांकि पत्र में इसके पीछे की वजह नहीं बताई गई है.

क्या बोले कांग्रेस सह प्रभारी?: इस बारे में जब बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी सुशील पासी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन लोगों को सूचना नहीं मिली है. जिला प्रशासन को कार्यक्रम करने के लिए आवेदन दिया गया था. कांग्रेस नेता ने उम्मीद जताई कि गुरुवार को राहुल गांधी का कार्यक्रम जरूर होगा.

“राहुल गांधी की सुरक्षा से जुड़े हुए अधिकारी भी दरभंगा पहुंच गए हैं. ऐसी स्थिति में हमलोग ये मानकर चल चल रहे हैं कि दरभंगा में उनका कार्यक्रम होगा. वह खुद दो दिनों से दरभंगा में कैंप किए हुए हैं. उन्हें उम्मीद है कि राहुल गांधी जी दरभंगा में छात्रों से जरूर संवाद करेंगे.”- सुशील पासी, सह प्रभारी, बिहार कांग्रेस

युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने का प्रयास: इस कार्यक्रम के माध्यम से राहुल गांधी की कोशिश युवाओं और छात्रों को कांग्रेस से जोड़ना था. इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ-साथ महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी होनी थी. इस संवाद में छात्रों से शिक्षा, न्याय, एससी-एसटी, ओबीसी छात्रावासों और कम्युनिटी हॉल की स्थिति पर राहुल गांधी चर्चा करने वाले थे लेकिन अब जब अनुमति नहीं मिली है तो देखना होगा कि पार्टी क्या करती है?

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