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DA Hike: केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा, बेसिक सैलरी के हिसाब से वेतन में होगा इतना इजाफा

DA Hike: केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा, बेसिक सैलरी के हिसाब से वेतन में होगा इतना इजाफा

DA Hike: केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा, बेसिक सैलरी के हिसाब से वेतन में इतना इजाफा होगा, केंद्र सरकार में लगभग एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली जनवरी से देय महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की वृद्धि की सौगात मिल गई है। गुरुवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में डीए/डीआर की दरों में 4 फीसदी की बढ़ोतरी पर मुहर लगी है। इस वृद्धि के साथ ही डीए की मौजूदा दर 46 से 50 प्रतिशत पर पहुंच गई है। नियम है कि डीए की दर 50 प्रतिशत के पार होने पर वेतनमान और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी हो जाती है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारी संगठन भी सरकार पर आठवें वेतन आयोग गठित करने का दबाव डाल सकते हैं।

केंद्रीय कर्मियों की इतनी बढ़ जाएगी सैलरी

अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18 हजार रुपये है और डीए में चार फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जाएगा। इस हिसाब से उसके वेतन में हर माह लगभग 720 रुपये बढ़ जाएंगे। यानी डीए की कुल राशि 9000 रुपये होगी। जिन कर्मियों का मूल वेतन 25 हजार रुपये है तो उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये का फायदा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से उनका डीए 12500 रुपये हो जाएगा। जिस कर्मी की बेसिक सैलरी 35 हजार रुपये है तो उसे प्रतिमाह 1400 रुपये ज्यादा मिलेंगे। 50 प्रतिशत के हिसाब से उसका डीए 17500 होगा। ऐसे कर्मी, जिन्हें 52 हजार रुपये की बेसिक सैलरी मिलती है, डीए बढ़ोतरी पर उन्हें हर माह 2080 रुपये से ज्यादा का लाभ होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए राशि 26000 हो जाएगी।

अगर ये है बेसिक सैलरी तो बढ़ेंगे इतने रुपए

इसके अलावा 70 हजार रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को लगभग 2800 रुपये का फायदा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए की राशि 35000 रुपये होगी। किसी कर्मचारी की सेलरी 85,500 रुपये है तो 50 प्रतिशत डीए के हिसाब से उसे 3420 रुपये का इजाफा होगा। 50 प्रतिशत के हिसाब से वह राशि 47750 रुपये हो जाएगी। डीए की दर 50 प्रतिशत होने के बाद एक लाख रुपये की बेसिक सेलरी वाले कर्मियों के खाते में हर माह 4000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी होगी। 50 प्रतिशत के हिसाब से डीए राशि 50000 रुपये हो जाएगी।

‘पे’ रिवाइज 10 साल में ही हो, ये जरुरी नहीं

पिछले कई वर्षों से केंद्रीय कर्मियों के डीए में चार फीसदी की बढ़ोतरी होती रही है। इस साल जनवरी में भी डीए की दरों में चार से पांच फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो कर्मियों की सैलरी रिवाइज होगी। वेतन के अलावा उनके कई भत्तों में भी 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। बतौर श्रीकुमार, केंद्र सरकार को आठवें वेतन आयोग का गठन करना होगा। सातवें वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि केंद्र में ‘पे’ रिवाइज हर दस साल में ही हो, यह जरुरी नहीं है। इस अवधि का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। यह पीरियोडिकल भी हो सकता है। हालांकि वेतन आयोग ने इसकी कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं दी है कि कब और कितने समय बाद वेतन आयोग गठित होना चाहिए।

दो करोड़ कर्मचारियों एवं पेंशनरों में नाराजगी

8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर केंद्र सरकार ने दो टूक जवाब दिया है कि अभी इसके गठन का कोई विचार नहीं है। इस पर करीब दो करोड़ कर्मचारियों एवं पेंशनरों की नाराजगी देखी जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा आठवां वेतन आयोग गठित न करने के फैसले को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही है। अब ‘भारत पेंशनर समाज’ ने भी 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग उठाई है।

साथ ही कोरोनाकाल के दौरान रोके गए 18 माह के डीए का एरियर जारी करने के लिए सरकार से आग्रह किया है। ‘भारत पेंशनर समाज’ (बीपीएस) के महासचिव एससी महेश्वरी ने बताया, 68वीं एजीएम के दौरान यह प्रस्ताव पास किया गया है कि अविलंब आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए।

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में बिना किसी विलंब के आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार यह कहती रही है कि आठवें वेतन आयोग के गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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