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DA वृद्धि पर शिवराज सरकार और कर्मचारी आमने सामने, कलेक्टरों को मिले निर्देश 

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भोपाल। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में महंगाई भत्ते (dearness allowance) की मांग को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच विरोध बढ़ता जा रहा है। दरअसल DA की मांग को लेकर मध्यप्रदेश अधिकारी और कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने आंदोलन की चेतावनी दी है। जिसके बाद अब सरकार (shivraj government) ने इस मामले को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है।

सरकार ने 2 वेतन वृद्धि (increment)) के आदेश जारी किए हैं। बावजूद इसके कर्मचारियों की तरफ से आंदोलन को समाप्त नहीं किया गया है। जिसके बाद अब सरकार ने कर्मचारियों के संयुक्त मोर्चे को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम के तहत कदाचार की श्रेणी को मानते हुए कलेक्टर (collectors) को आंदोलन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हालांकि सरकार से निर्देश मिलने के बाद अब कर्मचारी नाराज हो गए हैं और उन्होंने गुरुवार को सामूहिक अवकाश घोषित कर दिया है। बता दे कि 2 साल से मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को डीए नहीं मिला है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों के डीए में 11 फीसद की बढ़ोतरी की गई है जबकि राज्य के कर्मचारियों को अभी 12 फीसद ही DA दिए जा रहे हैं।

कर्मचारियों की मांग है कि उनके भी DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह 28 फीसद किए जाए। वही कर्मचारियों की सक्रियता को देखते हुए शिवराज सरकार ने 2 वेतन वृद्धि तो दिया लेकिन बावजूद इसके वेतन वृद्धि के एरियर (arrears) की घोषणा नहीं की गई है। जिससे मध्य प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी नाराज हैं। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह का कहना है कि आंदोलन तो हर हाल में होगा। सरकार कार्रवाई करना चाहती है तो हम सभी भी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। हमें डर नहीं स्थिति से लड़ने की जरूरत है।

अब शिवराज सरकार ने कर्मचारियों के आंदोलन को स्थगित कराने के लिए मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम और corona संक्रमण को लेकर निर्देशों को ढाल बनाया है। वहीं सरकार ने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि नियमों और निर्देशों के तहत आंदोलन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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