Cyber Security News: भीम ऐप या गूगल पे? जानें सुरक्षा के मामले में कौन है डिजिटल पेमेंट का किंग, पेटीएम ने खुद किया खुलासा
NPCI: UPI users are going to get a big facility, they will be able to make payment without PIN
Cyber Security News: भीम ऐप या गूगल पे? जानें सुरक्षा के मामले में कौन है डिजिटल पेमेंट का किंग, पेटीएम ने खुद किया खुलासा। डिजिटल इंडिया के दौर में हर दिन करोड़ों का लेन-देन अंगूठे के एक निशान या पिन से हो रहा है। अमूमन हम उस ऐप को चुनते हैं जो हमें ₹10 या ₹20 का कैशबैक दे दे, लेकिन असल चुनौती आपकी मेहनत की कमाई को हैकर्स से बचाने की है। हाल ही में Paytm ने अपने FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) पेज पर एक चौंकाने वाली लेकिन ईमानदार जानकारी साझा की है।
Paytm के मुताबिक, सुरक्षा के पायदान पर सबसे ऊपर BHIM (Bharat Interface for Money) ऐप आता है।
NPCI का भरोसा: भीम ऐप को खुद नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है।
सरकारी सुरक्षा: चूँकि यह सीधे सरकारी एजेंसी द्वारा संचालित है, इसमें डेटा सुरक्षा और एन्क्रिप्शन के वैश्विक मानकों का पालन किया गया है।
मजबूत सुरक्षा कवच: यह ऐप पिन प्रोटेक्शन, मजबूत एन्क्रिप्शन और वन-टाइम पासवर्ड (OTP) वेरिफिकेशन के ट्रिपल लेयर सुरक्षा चक्र के साथ आता है।
Paytm का अपना सुरक्षा मॉडल
पेटीएम ने साफ़ किया कि सुरक्षा के मामले में वह भी पीछे नहीं है। कंपनी ने बताया कि उसका ऐप रियल-टाइम फ्रॉड वार्निंग सिस्टम पर काम करता है। यानी अगर किसी संदिग्ध खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं, तो ऐप तुरंत यूजर को चेतावनी देता है। साथ ही, पेटीएम अपनी पसंद की UPI ID बनाने और ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ जैसी सुविधाएं भी देता है।
UPI ऐप चुनते समय इन 3 बातों का रखें ख्याल:
टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: सुनिश्चित करें कि ऐप में फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक के साथ-साथ पिन की सुविधा भी हो।
एन्क्रिप्शन (Encryption): हमेशा उन ऐप्स का उपयोग करें जो ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ का दावा करते हैं ताकि आपका डेटा कोई बीच में न पढ़ सके।
यूजर इंटरफेस और सपोर्ट: ऐप इस्तेमाल करने में आसान हो और ट्रांजैक्शन फेल होने पर उसका कस्टमर सपोर्ट तुरंत जवाब देने वाला हो।
प्रो टिप: सिर्फ कैशबैक के लालच में अनजान या नए पेमेंट ऐप्स डाउनलोड करने से बचें। हमेशा प्रतिष्ठित और भारी सुरक्षा फीचर्स वाले ऐप्स को ही अपनी पहली पसंद बनाएं।