नई दिल्ली। Coronavirus & Mouth Spray: कोरोना वायरस महामारी को फैले हुए देखते ही दखते 7 महीने हो गए, लेकिन अब भी इस ख़तरनाक बीमारी का कोई इलाज या वैक्सीन नहीं बन पाई है। डॉक्टर्स भी इसलिए कोरोना वायरस के मरीज़ों का, डेक्सामीथासोन, फावीपिराविर और हाइड्रोऑक्सीक्लोरोक्विन जैसी कई तरह की थैरेपी और दवाइयों के साथ एक्सपेरीमेंट कर रहे हैं।
एक नए शोध के अनुसार, विशेषज्ञ अब इस विचार पर शोध कर रहे हैं कि क्या नया कोरोना वायरस के संक्रमण को उसके प्राथमिक संक्रमण, यानी किसी दवा की मदद से मुंह या नाक के माध्यम को ही ख़त्म कर दिया जाए।
आम ज़ुकाम का स्प्रे भी ख़त्म कर सकता है कोरोना?
एक क्रांतिकारी दावा करते हुए, स्वीडिश वैज्ञानिकों का कहना है कि आम सर्दी-ज़ुकाम को मात देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली उनकी एक घरेलू दवा, प्रभावी रूप से COVID-19 के वायरस को 98.3% तक ख़त्म कर सकती है।
ये घोषणा स्विडेन के एक फ्रम, एंज़ीमाटिका ने दावा करते हुए किया था कि उनका बनाया माउथस्प्रे ColdZyme में ऐसे तत्व हैं, जो SARS-CoV2 वायरस जिससे कोरोना होता है, उसे काफी हद तक ख़त्म कर सकता है। पूरी दुनिया में इस वक्त कोरोना वायरस के मामले एक करोड़ 60 लाख से ऊपर पहुंच चुके हैं, वहीं इस जानलेवा वायरस ने 6,44,537 की जान ले ली है।
ये ख़बर तब आई जब कंपनी ने दवा के प्री-क्लिनिकल परीक्षण किए और बीमारी के खिलाफ सकारात्मक परिणाम पाए। स्वीडन में इस वक्त 78,997 मामले हैं, जिनमें से पांच हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं।क्या कहता है शोध
कंपनी ने इन-विट्रो परीक्षणों के कई दौर आयोजित किए, जिसमें यह देखा गया कि सामान्य सर्दी के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवा, कोल्डज़ाइम, SARS-COV-2 वायरस की ख़त्म करने में सक्षम है। साथ ही मनुष्यों को संक्रमित करने के वाले कई तरह के अन्य विषाणुओं से सुरक्षा भी प्रदान करता है।
एंटी-कोल्ड स्प्रे को सीधे मुंह में इंजेक्ट किया जाता है और इस तरह सतह और स्थानीय स्तर के वायरस संदूषण पर ध्यान केंद्रित करता है। मुंह का ये स्प्रे ग्लाएसरॉल और अटलांटिक कॉड ट्रिप्सिन से बना है। यह किसी भी बैक्टीरिया या वायरस को प्रवेश करने और उनकी शक्ति को कम करने से रोकने के लिए, एक ‘बाधा’ बनाता है।

