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coronavirus medicine: कोरोना वायरस को फैलने से 24 घंटे के भीतर रोक सकती है ये मेडिसिन

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coronavirus medicine: दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप जारी है. इसकी रोकथाम के लिए सभी देश वैक्सीन की खोज करने में लगे हुए हैं. कई देशों में दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल भी चल रहा है. इस बीच अमेरिका की एक दवा कंपनी ने दावा किया है कि वे एक मेडिसिन तैयार करने के एडवांस क्लिनिकल ट्रायल के दूसरे और तीसरे चरण में हैं और इस मेडिसिन के जरिए 24 घंटे के भीतर सार्स और कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है.

 

खास बात यह है कि जहां कंपनिया कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए वैक्सीन की खोज कर रही है. वहीं इस कंपनी ने खाने वाली एंटी वायरल मेडिसिन की खोज करने का दावा किया है. ये मेडिसिन 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस को फैलने से रोक सकती है.

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिकल साइंसेज के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च में पाया कि एंटी वायरल ड्रग मोलनुपीरवीर (एमके-4482/ईआईडीडी-2801) कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में बड़ी कामयाबी हासिल कर सकती है.

इन्फ्लूएंजा के लिए खोजी गई थी मेडिसिन

हालांकि, ये मेडिसिन दूसरे और तीसरे चरण में एडवांस क्लीनिकल ट्रायल के दौर में है. मोलनुपीरवीर एक प्रयोगात्मक एंटीवायरल मेडिसिन है जिसका ओरल यूज है. ये मेडिसिन मूल रूप से इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए खोजी गई थी. इस दवा की खोज जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर डॉक्टर रिचर्ड प्लेम्पर के नेतृत्व में रिसर्च टीम ने की थी. दवा बनाने वाली कंपनी मर्क के सहयोग से अमेरिका स्थित बायोटेक्नोलॉजी फर्म रिजबैक बायोथेरेप्यूटिक्स द्वारा यह दवा विकसित की जा रही है.

कोरोना रोकने वाली पहली दवाई

डॉक्टर रिचर्ड प्लेम्पर का कहना है कि सार्स-कोव-2 फैलने को तेजी से रोकने के लिए ओरल रूप से इस्तेमाल करने वाली ये पहली दवाई होगी. नेचर माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में, प्लेम्पर की टीम ने कोरोना वायरस के खिलाफ मोलनुपीरवीर को फिर से तैयार किया और कोरोना वायरस के प्रसार पर दवा के प्रभाव का परीक्षण करने के लिए फार्रेट मॉडल का उपयोग किया.

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