ग्वालियर । शरीर में कोरोना संक्रमण है या नहीं, इस बात का पता आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजन व ट्रूनेट की जाचं रिपोर्ट में पता चलता है।
अब देखने में आ रहा है कि इन जांचों में कई मरीजों की रिपोर्ट तो निगेटिव आ रही है, लेकिन सीटी स्कैन में लंग्स में संक्रमण मिल रहा है।
विशेषज्ञ के अनुसार इस तरह के मामले कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों में अधिक बताए जा रहे हैं।
जिन लोगों को लक्षण आए पर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। साथ ही सांस, दर्द या अन्य कोई समस्या आ रही है तो वह अपनी सीटी स्कैन जरूर करवाएं। इससे लंग्स में होने वाले संक्रमण को समय रहते रोका जा सके, क्योंकि शुरुआत के पांच दिन में लक्षण आने पर जांच में पॉजिटिव आने की गुंजाइश होती है। इसके बाद यह कम होती जाती है।
जिस मरीज की रिपोर्ट निगेटिव है पर सीटी स्कैन जांच में संक्रमण का पता चलता है, उसे गाइडलाइन के अनुसार कोरोना मरीजों के साथ इलाज देना चाहिए।
डॉक्टर ऐसे मरीज को कोरोना मरीजों के साथ इलाज देने से कतराते हैं और सामान्य मरीज के साथ रखकर इलाज दे नहीं सकते। ऐसे में मरीज भटकता है और परेशान होकर शहर से बाहर इलाज लेने निकल जाता है या फिर घर पर ही इलाज लेता है।
हाल ही में सिटी सेंटर निवासी 60 वर्षीय उदय की रिपोर्ट निगेटव थी, पर सीटी स्कैन में लंग्स में संक्रमण बताया गया। वह जेएएच के मेडिसिन वार्ड में भर्ती हुए पर उनका कोरोना का इलाज नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई।

