‘अधूरे हलफनामे’ पर फंसी कांग्रेस, सिंघवी बोले- सिर्फ समन जारी हुआ था; एमपी में सर्टिफिकेट लेकर विधानसभा से निकले बीजेपी नेता
'अधूरे हलफनामे' पर फंसी कांग्रेस, सिंघवी बोले- सिर्फ समन जारी हुआ था; एमपी में सर्टिफिकेट लेकर विधानसभा से निकले बीजेपी नेता

‘अधूरे हलफनामे’ पर फंसी कांग्रेस, सिंघवी बोले- सिर्फ समन जारी हुआ था; एमपी में सर्टिफिकेट लेकर विधानसभा से निकले बीजेपी नेता
भोपाल/जयपुर | 11 जून 2026 | yashbharat.com: देश के दो बड़े राज्यों मध्य प्रदेश और राजस्थान से राज्यसभा चुनाव को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दोनों ही राज्यों में नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों के निर्विरोध (Unopposed) निर्वाचन का ऐलान कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश में कांग्रेस की मुख्य उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होने के बाद बीजेपी ने सभी 3 सीटों पर एकतरफा कब्जा जमा लिया है। वहीं राजस्थान में भी बिना किसी चुनावी घमासान के बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों ने संसद के उच्च सदन का टिकट पा लिया है।
1. मध्य प्रदेश: वोटिंग से पहले ही बीजेपी की बंपर जीत, विधानसभा पहुंचे विजेता
मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटों पर मचे भारी कानूनी और सियासी ड्रामे का अंत आखिरकार बीजेपी की एकतरफा जीत के साथ हुआ:
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सर्टिफिकेट लेने पहुंचे नेता: निर्विरोध जीत की घोषणा होते ही बीजेपी के तीनों नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट जीत का प्रमाणपत्र (Certificate) लेने के लिए सीधे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे।
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क्यों नहीं हुई वोटिंग?: कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज होने के बाद मैदान में केवल बीजेपी के ही 3 उम्मीदवार बचे थे, जिसके चलते चुनाव आयोग को मतदान कराए बिना ही इन्हें विजयी घोषित करना पड़ा।
2. मीनाक्षी नटराजन केस: सुप्रीम कोर्ट में कल ‘महा-सुनवाई’, बेंच ने उठाए सवाल
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस खेमे को फिलहाल चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से कोई फौरी राहत नहीं मिली है। हालांकि, देश की सर्वोच्च अदालत इस मामले पर कल आर-पार का फैसला कर सकती है:
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जस्टिस मिश्रा की बेंच करेगी सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच शुक्रवार को मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुनवाई करेगी।
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कोर्ट का तीखा सवाल: आज शुरुआती बातचीत में बेंच ने कांग्रेस से एक बेहद कड़ा सवाल पूछा कि, “जब देश में चुनावी प्रक्रिया (Election Process) चालू हो चुकी है, तो इस बीच में यह याचिका कैसे स्वीकार की जा सकती है?”
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सिंघवी की दलील: कांग्रेस की ओर से देश के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी करते हुए कोर्ट से याचिका पर तुरंत विचार करने का आग्रह किया।’अधूरे हलफनामे’ पर फंसी कांग्रेस, सिंघवी बोले- सिर्फ समन जारी हुआ था; एमपी में सर्टिफिकेट लेकर विधानसभा से निकले बीजेपी नेता
क्यों रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन?
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रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला: रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश के मुताबिक, मीनाक्षी नटराजन ने अधूरा हलफनामा (Affidavit) जमा किया था। उन्होंने नामांकन के साथ जमा किए जाने वाले ‘फॉर्म-26’ में कोर्ट की एक शिकायत की जानकारी छिपाई थी।
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बीजेपी उम्मीदवार ने की थी शिकायत: बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट ने ही रिटर्निंग ऑफिसर के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि मीनाक्षी ने तेलंगाना में दर्ज एक आपराधिक मामले की जानकारी हलफनामे में नहीं दी है।
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सिंघवी का पलटवार: वकील सिंघवी ने कोर्ट में तर्क दिया कि नियमों के तहत उम्मीदवार को केवल उसी केस की जानकारी देनी होती है जिसमें कम से कम 2 साल की सजा का प्रावधान हो। तेलंगाना वाले मामले में केवल समन जारी किए गए थे, कोई सजा या बड़ा आरोप तय नहीं हुआ था, इसलिए रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला गलत है।
3. राजस्थान: सतीश पूनिया और अलका गुर्जर की संसद में एंट्री
उधर मरुधरा यानी राजस्थान से भी राज्यसभा की खाली सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई:
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बीजेपी के दो दिग्गज जीते: राजस्थान से बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और वरिष्ठ नेत्री अलका गुर्जर निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए हैं।
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कांग्रेस के नीरज डांगी भी पहुंचे उच्च सदन: विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर कांग्रेस के खाते में भी एक सीट गई है, जहाँ से नीरज डांगी ने निर्विरोध जीत दर्ज की है। नाम वापसी का समय खत्म होते ही चुनाव अधिकारी ने इन तीनों की जीत का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया।








