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हरेमाधव रुहानी बालसंस्कार समर केम्प का समापन

हरे माधव हरिराया सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी की असीम कृपा समस्त जीवजगत पर है, सतगुरु जी हर रूप में, हर विधि रीत से सभी आत्माओं को जीवन की सांची राह से जोड़ रहे हैं, ना केवल बड़े बुजुर्गों, युवाओं को बल्कि नन्हे मुन्हे बच्चों में भी छोटी सी आयु से ही सच्चे गुणों, दिव्य संस्कारों व सतगुरु प्रेमाभक्ति के दिव्य गुणों को विकसित करने की अपार दया रहमत कर रहे हैं। बाल्यउत्थान की इसी कड़ी में बच्चों के इन समर वेकेशन में हरेमाधव बालकाः ग्रीष्मः शिबिरम् 2024 की अनुपम पहल की गई जहां पूर्ण सतगुरु शरण में कई सारी अलग-अलग एक्टिविटीज स्किल्स जैसे फोनिक्स, सेल्फ ग्रूमिंग, अबेकस, वैदिक मैथ्स, आर्ट आफ लिविंग, हस्तशिल्प, बोली जाने वाली अंग्रेजी, संगीत वाद्ययंत्र, गायन, नृत्य, हरेमाधव भजन योग द्वारा संगीत संपादित व्यायाम, मेहँदी, कढ़ाई, बिना पकाए खाना पकाना, स्केचिंग और शतरंज , शिष्टाचार और नम्रता आदि छात्रों को सर्टिफाइड ट्रेनर्स प्रक्षिशित शिक्षको द्वारा सीखने का मौका मिला। सैकड़ों बच्चों ने बड़े उत्साह उमंग से बढ़-चढ़ कर इस हरे माधव बालकाः ग्रीष्मः शिबिरम् में भाग लिया । हरेमाधव बाल्काः ग्रीष्मः शिबिरम् संपूर्ण नगर के लिए अद्वितीय अनमोल उपहार लेकर आई, ना केवल कटनी नगर में अन्य सभी नगरों में भी हरेमाधव सतगुरु जी के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से संचालित हुई। यह भी एक हर्षित विषय है कि बच्चों संग कुछ अभिभावक भी यहां विभिन्न कक्षाएं लेने आते और आधुनिक एवं वैदिक शिक्षा का लाभ उठाकर प्रसन्नता प्राप्त करतें ।

 

यह समर कैंप पूरे एक माह तक सफलतापूर्वक चलता रहा एवं इस समर कैंप का समापन समारोह हरेनारायण भवन माधवनगर, कटनी में हुई, यह पूरा कार्यक्रम सतगुरु जी की पावन सान्निध्य में हुआ, ना केवल बच्चे अपितु सभी बच्चों क़े अभिभावक, माता-पिता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जिस बच्चे ने, जिस कला को सीखा था उसे सभी के समक्ष बड़ी सुंदरता से प्रस्तुत किया, बच्चों के अभिभावकों ने भी सतगुरु जी का शुक्राना करते हुए अपने अनुभव सांझा किए, उनका कहना था कि समर कैंप तो बाहर भी होते हैं पर जो अनुपम आनन्द, परमशांति, सकारात्मकता, सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी का विरदवान हथ, उनकी बेहिसाब मेहर कृपा से हमारे बच्चों पर बरस रही है वह भला अन्य कहाँ प्राप्त होगी। फिर सभी यही विनय कर रहे बाबाजी, प्रति वर्ष की तरह हर वर्ष भी हरेमाधव रुहानी बाल संस्कार में हरेमाधव बालका: ग्रीष्मः शिबिरम् का आयोजन किया जाएं । तत्पश्चात सतगुरु महाराज जी ने भी अपने पावन मुखारबिंद से अमृत वचन फरमाये कि सभी बच्चों के भीतर असीम ऊर्जा शक्ति और अपार योग्यता है, बस आवश्यकता है कि उन्हें उभारने की बच्चों को सात्विक, शुद्ध वातावरण मिले तो उसका विकास सम्भव है । नन्ही कलियों को भी खेल खेल में विदुर वाली राह, भगत प्रहलाद सी भक्ति मिल सकती है । पूरण सतगुरु शरण में आके बच्चे दिव्य संस्कारों से पूर्णता एवं वृत्ति सकारात्मक होगी जिससे वे परिवार का, माता-पिता का एवं समाज का नाम रोशन करेंगे । बच्चों को बचपन से दैवीय कार्य से जोड़ें वे समाज के लिए आदर्श की स्थापित कर सकते हैं आज के आधुनिक समय में चल रही मानसिक प्रदूषण की आंधी से बच खेल मनोरंजन करते करते ऊंचे मूल्य दिव्य गुणों और परमात्मा की भक्ति को धारण कर भजन बंदगी अभ्यास कर जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति हो सकते हैं ।

व्यापक दृष्टिकोण तो केवल विराटो विराट हरेमाधव प्रभुवर जी का हो सकता है ।

हरेमाधव रूहानी बाल संस्कार हरेमाधव सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी के पावन मार्गदर्शन में 15 वर्ष से हरेमाधव रुहानी बाल संस्कार बाल्य कल्याण की यह अनुपम सेवा कर रहा है सभी अभिभावकों से निवेदन है कि अपने बच्चों को स्कूल शिक्षा के साथ साथ दिव्य संस्कार सतगुरु भक्ति की अन्तरमुखी शिक्षा भी ग्रहण करवायें हरेमाधव रूहानी बालसंस्कार में बच्चों को भेजकर बच्चों अन्तरमुखी शिक्षा से पोषित करें। अन्त में सभी ने हरेमाधव ब्रम्हभोज ( भंडारा प्रसाद ) मुख पवित्र किया। हरेमाधव रूहानी बाल संस्कार की कक्षाएं प्रत्येक रविवार को 24 नगरों में सभी जाति वर्गों के बच्चों के लिए नि: शुल्क संचालित हो रही है

माधवनगर कटनी में यह कक्षाएं प्रत्येक रविवार प्रातः 8 बजे से 9:30 बजे तक संचालित होती है ।

यहाँ बच्चों को ना केवल परमार्थी अपितु व्यवहारिक ज्ञान, सामाजिक ज्ञान से भी अवगत करा उनका सर्वांगीण विकास किया जाता है। आप भी अपने बच्चों को हरे माधव रूहानी बाल संस्कार से जोड सतगुरुमत की राह से जोड़ उनके जीवन को सही दिशा देंl

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