सत्र 2020-21 के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को बनाया जा रहा है और भी आसान,सारी प्रक्रिया मोबाइल के जरिये होगी पूरी।
जबलपुर। उच्च शिक्षा विभाग अकादमिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर निरंतर विशेषज्ञों से सुझाव ले रहा है। सबसे पहले स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया होगी। इससे पूर्व बीएड में प्रवेश होना है। इसलिए विभाग ने 12वीं के नतीजे घोषित होने के साथ ही काउंसलिग शुरू करने का निर्णय किया है। इसमें ऑनलाइन सारा काम होगा। विद्यार्थियों को पंजीयन केस साथ ही च्वाइस फिलिंग भी मोबाइल से देना होगा। सहयोग के लिए कोई चाहे तो कियोस्क जाकर भी ये काम करवा सकता है। इसके अलावा दस्तावेजों की जानकारी और स्केन कापी भी जमा करनी होगी। इसी के आधार पर प्रवेश सूची तैयार होगी।इससे पहले दस्तावेजों को वैरीफिकेशन सरकारी कॉलेजों में होता था। शहर और गांव से विद्यार्थी इस प्रक्रिया को लेकर सबसे ज्यादा परेशान होते है। कॉलेजों में भी शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना मुश्किल होगा। ऐसे में प्रवेश शुल्क जमा करते वक्त ही दस्तावेजों का वेरीफिकेशन विद्यार्थियों का करवाया जाएगा। ये प्रक्रिया सबसे आखिर में होगी। वेरीफिकेशन के पहले तक छात्र के प्रवेश की वैधता नहीं होगी।
संक्रमण से बचकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी हो रही है। मौजूदा प्रक्रिया ऑनलाइन तो है, लेकिन इसमें बार-बार कियोस्क और कॉलेजों के चक्कर लगाने होते हैं। इस वजह से कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बना होता है। वहीं दूर-दराज के इलाकों से भी विद्यार्थियों को शहरों में आवाजाही करनी पड़ती है। इसलिए प्रशासन सत्र 2020-21 के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को और भी आसान बना रही है। इसमें विद्यार्थी को घर बैठे ही सारी प्रक्रिया मोबाइल के जरिये पूरी करनी होगी।
प्रवेश की प्रक्रिया सितंबर माह तक चलने की उम्मीद जाहिर की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने अभी शेड्यूल जारी नहीं किया है, लेकिन 12वीं कक्षाओं के नतीजे आने के बाद प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने में इतना वक्त लगना तय माना जा रहा है।

