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कलेक्टर बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया संविधान: कटनी कलेक्टर का रीठी में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर 2 पटवारियों को नोटिस

कलेक्टर बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया संविधान: कटनी कलेक्टर का रीठी में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर 2 पटवारियों को नोटिस

कलेक्टर बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया संविधान: कटनी कलेक्टर का रीठी में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर 2 पटवारियों को नोटिस

कटनी : कटनी जिले में प्रशासनिक कसावट लाने और सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी सोमवार को पूरे एक्शन मूड में नजर आए। उन्होंने विकासखंड रीठी के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण (आकस्मिक भ्रमण) किया। इस दौरान जहां एक ओर राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों पर गाज गिरी, वहीं दूसरी ओर शासकीय स्कूल में कलेक्टर का एक बेहद संवेदनशील और अनूठा रूप देखने को मिला, जब वे अधिकारियों का लबादा छोड़ खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी भी उनके साथ मौजूद रहे।

खुद खंगाला रिकॉर्ड, लापरवाही पर दो पटवारियों को कारण बताओ नोटिस

कलेक्टर श्री तिवारी सबसे पहले बिलहरी के उपतहसील कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अतिरिक्त तहसीलदार सुश्री अनुराधा सिंह से लंबित राजस्व मामलों की बिंदुवार जानकारी ली। कलेक्टर ने केवल मौखिक रिपोर्ट पर भरोसा न कर, खुद खसरा अभिलेखों से आदेशों के क्रियान्वयन का मिलान किया, जिसमें बड़ी खामियां पाई गईं:

  • नामांतरण में गड़बड़ी: ग्राम नौआपटी के एक नामांतरण मामले में आदेश का सही ढंग से क्रियान्वयन (अमल) न पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी श्री आशीष शर्मा के खिलाफ तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

  • सीमांकन लटकाने पर कार्रवाई: ग्राम कैमोरी के सीमांकन मामले को नक्शा बटांकन का बहाना बनाकर लंबित रखने वाले तत्कालीन पटवारी श्री अवध मिश्रा (वर्तमान पदस्थापना कटनी शहर) के विरुद्ध भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर की सख्त हिदायत:

कलेक्टर ने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में कहा कि यदि किसी सीमांकन मामले में कोई कानूनी विवाद नहीं है और सभी पक्ष राजी हैं, तो सीमांकन के साथ ही नक्शा बटांकन का काम पूरा किया जाए ताकि जनता को बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। साथ ही उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी लाभार्थियों की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।

जब क्लासरूम में गुरुजी की भूमिका में दिखे कलेक्टर

प्रशासनिक सख्ती के बाद शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांधा में कलेक्टर का एक बेहद प्रेरणादायी रूप दिखा। कलेक्टर सीधे कक्षा 12वीं में पहुंच गए और छात्रों के बीच बैठकर खुद शिक्षक बन गए।

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  • अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया: उन्होंने ब्लैकबोर्ड संभाला और छात्रों को अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया। कलेक्टर ने खुद बच्चों से अंग्रेजी की किताब पढ़वाई और उसका हिंदी अनुवाद करना सिखाया। छात्रा प्राची गुप्ता, सादिया बी और छात्र अभिषेक चौधरी व सतेंद्र विश्वकर्मा ने पाठ पढ़कर सुनाया, जबकि कलेक्टर ने उन्हें सही उच्चारण और व्याकरण की बारीकियां समझाईं।

  • संविधान और मूल कर्तव्यों का ज्ञान: किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भारत के संविधान में दर्ज नाग्रिकों के मूल कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों को जीवन में एक जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनने की सीख दी।

 विज्ञान की क्लास में परखी गुणवत्ता, डिजिटल पढ़ाई को सराहा

इसके बाद कलेक्टर हाई स्कूल की विज्ञान कक्षा में दाखिल हुए, जहां उस समय ‘पाचन तंत्र’ (Digestive System) का अध्याय चल रहा था। कलेक्टर ने छात्रों से पाचन तंत्र से जुड़े व्यावहारिक सवाल पूछे और उनकी समझ के आधार पर स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन किया।

निरीक्षण के अंत में उन्होंने स्कूल के शौचालयों और साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। साथ ही विद्यालय में आधुनिक डिजिटल पैनल के माध्यम से कराई जा रही स्मार्ट पढ़ाई की सराहना की और इसे ग्रामीण बच्चों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया।

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