Cockroach vs Oggy: सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच’ के सामने उतरी ‘ऑगी जनता पार्टी’, NEET लीक और 50 रुपये जुर्माने पर सरकार को घेरा
नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर: भारतीय सोशल मीडिया पर इन दिनों पारंपरिक राजनीति से हटकर एक अलग ही किस्म का ‘बवाल’ कटा हुआ है। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी (जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगारों की तुलना कॉकरोच से की थी) के विरोध में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अब कड़ी चुनौती मिल रही है। सीजेपी के एकाधिकार को तोड़ने के लिए इंटरनेट पर ऑगी जनता पार्टी (OJP) का उदय हो चुका है।अस्तित्व में आने के महज कुछ ही दिनों के भीतर इन दोनों वर्चुअल पार्टियों के बीच छिड़ी जुबानी जंग और मीम वॉर (Meme War) ने आम यूजर्स को लोटपोट होने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया है।
हर कॉकरोच को मारना ही हमारा मकसद…– ओजेपी का आक्रामक रुख
मशहूर कार्टून कैरेक्टर ‘ऑगी’ को अपना चेहरा बनाने वाली ऑगी जनता पार्टी (OJP) ने सीधे सीजेपी की टैगलाइन पर हमला बोला है:
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टैगलाइन की जंग: जहां कॉकरोच जनता पार्टी ने “कॉकरोच नेवर डाई” (कॉकरोच कभी नहीं मरते) का नारा बुलंद किया है, वहीं ओजेपी ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर दो टूक लिखा है— “हमारा इरादा सभी कॉकरोच को मारना है। कोई भी कॉकरोच हो, किसी भी आकार का हो या किसी भी प्रजाति का हो, उसे मारा जाएगा।”
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फंडिंग और निष्पक्षता पर सवाल: ओजेपी ने सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के राजनीतिक संपर्कों पर सवाल उठाते हुए उनके निष्पक्ष होने पर शक जताया है। ओजेपी ने साल 2024 का एक पुराना मैसेज शेयर किया, जिसमें अभिजीत ने बोस्टन जाने से पहले दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का शुक्रिया अदा किया था। ओजेपी का दावा है कि अमेरिका से ऑपरेट होने वाली सीजेपी की तरह उनका कोई हिडन पॉलिटिकल एजेंडा नहीं है, वे सिर्फ कड़वा सच दिखाना चाहते हैं।
NEET पेपर लीक मामला: CJP की पिटीशन पर 5 लाख के करीब साइन
इस व्यंग्यात्मक लड़ाई के बीच देश का सबसे बड़ा मुद्दा यानी NEET पेपर लीक विवाद भी गर्मा गया है।
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इस्तीफे की मांग: सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सात दिन एक्टिव रहने के बाद एक ऑनलाइन पिटीशन लॉन्च की है। इस पिटीशन में नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश के शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे की मांग की गई है।
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भारी समर्थन: इस पिटीशन को युवाओं का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है और शुक्रवार दोपहर तक इस पर 4.96 लाख से ज्यादा लोग डिजिटल हस्ताक्षर कर चुके थे। वहीं, ओजेपी ने भी छात्रों के लिए न्याय की मांग करते हुए ऑगी के शुभंकर के साथ एक बड़ा पोस्टर अभियान छेड़ा है।
ओजेपी का ‘पशु अधिकार घोषणापत्र’ (Animal Manifesto)
एक और बड़े कदम के तहत ऑगी जनता पार्टी ने देश में लावारिस और बेजुबान जानवरों की सुरक्षा के लिए 6 सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीर में कार्टून कैरेक्टर ऑगी सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए राजनेताओं की तरह जानवरों के बीच घिरा नजर आ रहा है।Cockroach vs Oggy: सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच’ के सामने उतरी ‘ऑगी जनता पार्टी’, NEET लीक और 50 रुपये जुर्माने पर सरकार को घेरा
व्यवस्था पर तंज कसते हुए ओजेपी ने लिखा:
“यह देश गाय को अपनी मां कहता है, लेकिन वही दुनिया का सबसे बड़ा गोमांस (Beef) निर्यातक भी है। यहां एक कुत्ते को बेरहमी से पीटा जाता है, गाय को चाकू मारा जाता है, बिल्ली को जिंदा जला दिया जाता है… और सजा क्या मिलती है? सिर्फ 50 रुपये का मामूली जुर्माना! भारत को पशु क्रूरता के खिलाफ तुरंत सख्त कानून की आवश्यकता है।”
सोशल मीडिया का ‘पावर गेम’: आंकड़े दे रहे हैं गवाही
इन दोनों वर्चुअल पार्टियों की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है:
- CJP (इंस्टाग्राम): फॉलोअर्स की संख्या 2.1 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर चुकी है।
- CJP (एक्स – ट्विटर): पुराना अकाउंट प्रतिबंधित होने के बाद ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से बने नए हैंडल पर महज कुछ दिनों में 1.81 लाख फॉलोअर्स जुड़ चुके हैं।
- OJP (इंस्टाग्राम): नई एंट्री होने के बावजूद ओजेपी के इंस्टाग्राम पर 11.2 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बेटे की गिरफ्तारी का डर सता रहा है… – छत्रपति संभाजीनगर में माता-पिता परेशान
इस वर्चुअल कामयाबी के बीच जमीन पर एक परिवार बेहद डरा हुआ है। सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के माता-पिता (भगवान और अनीता दीपके) महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहते हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले माता-पिता को डर है कि उनका बेटा किसी बड़ी कानूनी मुसीबत में न फंस जाए या सरकार उसे गिरफ्तार न कर ले।
अभिजीत के माता-पिता ने रोते हुए मीडिया से कहा, “हम अपने बेटे को कभी भी राजनीति की इस गंदी दुनिया में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत ने जो कुछ भी शुरू किया है, उसे सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है। हम बहुत ज्यादा परेशान हैं।”
अब देखना यह होगा कि सोशल मीडिया का यह मीम वॉर सिर्फ मनोरंजन और तीखे कटाक्ष तक ही सीमित रहता है, या फिर यह जमीनी राजनीति में भी कोई बड़ा फेरबदल करने का माद्दा रखता है।

