Coal India OFS Update: कोल इंडिया के OFS को मिला ₹19,000 करोड़ का बंपर रिस्पॉन्स; शुक्रवार को रिटेल निवेशकों के लिए मौका, जानें एक्सपर्ट्स की राय
मुंबई/नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Ltd) का ऑफर फॉर सेल (OFS) इस समय दलाल स्ट्रीट पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। सरकार इस OFS के जरिए कंपनी में अपनी $2\%$ हिस्सेदारी बेच रही है, जिसके लिए बुधवार को गैर-रिटेल (संस्थागत) निवेशकों की तरफ से करीब ₹19,000 करोड़ की रिकॉर्ड बोलियां प्राप्त हुई हैं।
संस्थागत निवेशकों से मिले इस जबर्दस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए सरकार ने $1\%$ के अतिरिक्त ग्रीन-शू ऑप्शन (Green-shoe Option) का इस्तेमाल करने का भी फैसला किया है। अब शुक्रवार को देश के आम (Retail) निवेशकों के लिए इस डिस्काउंटेड प्राइस पर शेयर खरीदने का मौका खुलेगा।
बाजार भाव से 11% कम दाम पर मिल रहा है शेयर
सरकार ने इस OFS के लिए ₹412 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस (Floor Price) तय किया है।
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भारी डिस्काउंट: यह फ्लोर प्राइस मंगलवार के क्लोजिंग प्राइस ₹458.15 से करीब $11\%$ कम है।
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मजबूत भरोसा: डिस्काउंट के बावजूद कई बड़े निवेशकों ने फ्लोर प्राइस से काफी ऊपर यानी ₹436.70 तक की ऊंची बोली लगाई है, जो कंपनी के भविष्य पर संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। Coal India OFS Update: कोल इंडिया के OFS को मिला ₹19,000 करोड़ का बंपर रिस्पॉन्स; शुक्रवार को रिटेल निवेशकों के लिए मौका, जानें एक्सपर्ट्स की राय
हाई डिविडेंड यील्ड (5.70%) और मजबूत कैश फ्लो है ताकत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कोल इंडिया फिलहाल सबसे मजबूत कैश फ्लो और देश में सबसे ज्यादा डिविडेंड (लाभांश) देने वाली पीएसयू कंपनियों में से एक है।
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Trendlyne के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया का डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) करीब $5.70\%$ है। इसका मतलब है कि जो निवेशक शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के अलावा नियमित फिक्स्ड इनकम (लाभांश के रूप में) चाहते हैं, उनके लिए यह स्टॉक हमेशा से बेहद आकर्षक रहा है।
एक्सपर्ट्स की राय: क्या रिटेल निवेशकों को पैसा लगाना चाहिए?
कोल इंडिया के इस OFS में पैसा लगाने को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउसेज की राय मिली-जुली है:
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लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए (बुलिश व्यू): विशेषज्ञों का एक धड़ा मानता है कि ₹412 का फ्लोर प्राइस लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक बेहतरीन एंट्री पॉइंट (खरीदारी का मौका) है। बिजली की बढ़ती मांग के कारण भारत में कोयले की खपत अगले कुछ सालों तक मजबूत रहने वाली है, जिससे कंपनी के रेवेन्यू में निरंतरता बनी रहेगी।
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शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए (कॉशियस व्यू): कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ग्लोबल मार्केट में क्लीन और रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) पर बढ़ते फोकस के कारण लॉन्ग टर्म में कोल सेक्टर्स पर दबाव आ सकता है। इसलिए शॉर्ट टर्म के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए निवेशकों को अपनी रिस्क क्षमता देखकर ही इसमें दांव लगाना चाहिए।
रिटेल निवेशकों के लिए नोट: यदि आप इस ऑफर फॉर सेल का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो शुक्रवार को अपने ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए कट-ऑफ प्राइस या फ्लोर प्राइस पर इसके लिए बीड (बोली) लगा सकते हैं।

