CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: अब ‘माइनिंग कैपिटल’ बनेगा कटनी, देश के औद्योगिक नक्शे पर चमकेगी ‘स्वर्ण नगरी’।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के भविष्य को लेकर एक नई और भव्य परिकल्पना साझा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, कटनी अब केवल चूना पत्थर के लिए ही नहीं जाना जाएगा, बल्कि यह जिला भारत की “माइनिंग कैपिटल” और “स्वर्ण नगरी” के रूप में विश्व पटल पर उभरेगा।
CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान: अब ‘माइनिंग कैपिटल’ बनेगा कटनी, देश के औद्योगिक नक्शे पर चमकेगी ‘स्वर्ण नगरी’
1. माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0: निवेश की सुनामी
अगस्त 2025 में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव के दूरगामी परिणाम सामने आ रहे हैं। कटनी के लिए अकेले 56,414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। दिग्गज औद्योगिक घरानों ने सीमेंट, मेटल प्रोसेसिंग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई है, जिससे आने वाले समय में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की बाढ़ आने वाली है।
2. ‘कनकपुरी’ की खोज: सोने के साथ चांदी-तांबे का भंडार
कटनी की स्लीमनाबाद तहसील का इमलिया गांव (सुनाही) अब देश का महत्वपूर्ण माइनिंग साइट बन गया है।
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खोज: 50 वर्षों के सर्वे के बाद यहाँ 3.35 लाख टन स्वर्ण अयस्क मिलने की पुष्टि हुई है।
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खनिज: सोने के साथ-साथ तांबा, जिंक और चांदी के विशाल भंडार भी पाए गए हैं।
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लीज: मुंबई की कंपनी ने ₹121 करोड़ की बोली लगाकर 50 साल की माइनिंग लीज हासिल की है।
3. राजस्व में उछाल और आधुनिक सुशासन
तकनीक और पारदर्शिता के दम पर कटनी का खनिज राजस्व 100 करोड़ से बढ़कर 160 करोड़ रुपये सालाना पार कर गया है। बड़वारा रोड पर ई-चेक गेट और ‘माइनिंग सर्विलांस सिस्टम’ के जरिए अवैध उत्खनन पर लगाम कसी गई है, जिसने प्रदेश में माइनिंग मैनेजमेंट का एक नया ‘राष्ट्रीय मॉडल’ पेश किया है।
4. रोजगार और क्षेत्रीय विकास
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विकास का केंद्र स्थानीय लोग होंगे। खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार से विशेष रूप से आदिवासी समुदायों और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे।

