सतना। चित्रकूट में दो जुड़वा मासूमों का अपहरण कर हत्या करने वाले आरोपियों में से एक ने सतना सेंट्रल जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा था। बता दें कि चित्रकूट के तेल कारोबारी बृजेश रावत के जुड़वा बेटों प्रियांश और श्रेयांस का गत 12 फरवरी को अपहरण कर लिया गया था। बाद में 20 लाख की फिरौती लेने के बाद भी बदमाशों ने दोनों मा
पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को पकड़ा था। इनमें से एक आरोपी रामकेश यादव ने सतना सेंट्रल जेल में फांसी लगा ली। इस घटना के बाद जेल में हड़कम्प मच गया। शेष 5 आरोपी अभी भी जेल में हैं। फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है कि ये घटना कैसे हुई। जेल प्रशासन इस मामले के न्यायिक जांच करा रहा है।
चित्रकूट में आईजी रीवा चंचल शेखर ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के खुलासे के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जिन्होंने बाद में घटना का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को पकड़ा था। इस घटना का मास्टर माइंड इंजीनियरिंग का छात्र पद्म शुक्ला निकला था। पद्म ने राजू द्विवेदी नामक अपने साथी के साथ स्कूल बस से इन जुड़वा भाइयों का अपहरण किया था। अपहरण की सनसनीखेज घटना स्कूल बस में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। बाद में ये वीडियो काफी चर्चाओं में रहा था और इसी से पुलिस को लीड मिली थी। घटना में लकी उर्फ आलोक सिंह तोमर, शिक्षक रामकेश यादव, उसके मामा पिंटू उर्फ पिंटा और विक्रमजीत सिंह नामक आरोपी भी वारदात में शामिल रहे। इन्हीं में से एक रामकेश ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस आत्महत्या की इस घटना को लेकर कुछ भी बोलने से बच रही है।

