मुख्य सचिव के निर्देश: 6 साल के हर बच्चे का हो स्कूल में एडमिशन, स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता से करें मॉनिटरिंग
कटनी/भोपाल | 30 अप्रैल 2026: मुख्य सचिव के निर्देश: 6 साल के हर बच्चे का हो स्कूल में एडमिशन, स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता से करें मॉनिटरिंग,मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य के सूचकांकों को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाएं। इस वीसी में कटनी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव के निर्देश: 6 साल के हर बच्चे का हो स्कूल में एडमिशन, स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता से करें मॉनिटरिंग
1. शिक्षा: ‘मिशन एडमिशन’ पर जोर
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लक्ष्य: प्रदेश में 6 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 10.45 लाख बच्चों की पहचान की गई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर एक बच्चे का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।
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आंगनवाड़ी: स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों के कोलोकेशन (एक ही परिसर) के लिए सामुदायिक भागीदारी बढ़ाएं। आंगनवाड़ी भवन के लिए जमीन बस्ती के पास ही चिन्हित की जाए।
2. स्वास्थ्य: मातृ और शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण
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समीक्षा: कलेक्टर्स को महीने में कम से कम दो बार स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्राथमिकता: गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन, अति कुपोषित बच्चों को NRC में भर्ती कराना और ‘हाई रिस्क’ गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए।
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निरीक्षण: कलेक्टर्स स्वयं अस्पतालों और दवा स्टोरों का औचक निरीक्षण करें।
3. किसान और गेहूं उपार्जन
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कोटा वृद्धि: केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए गेहूं खरीदी का कोटा बढ़ा दिया है।
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स्लॉट बुकिंग: किसान अब 23 मई 2026 तक उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। खरीदी केंद्रों पर बारदाने और तौल-कांटों की कमी न हो, यह नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे।
4. कानून व्यवस्था और नशामुक्त अभियान
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बड़ी कार्रवाई: DGP श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि जनवरी से अप्रैल 2026 तक नशे के अवैध कारोबार पर प्रहार करते हुए 120 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं और 818 केस दर्ज हुए हैं।
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सड़क सुरक्षा: ‘राहवीर’ और ‘ई-डॉर’ जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास जारी रखें।
5. अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
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सीएम हेल्पलाइन: 100 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं।
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पेयजल: गर्मियों को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी करें।
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स्वच्छता: आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए सभी कलेक्टर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें।
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स्वामित्व योजना: शेष बचे प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर निराकरण करें।
बैठक में मौजूद अधिकारी (कटनी)
कलेक्टर आशीष तिवारी, एसपी अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार और वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार सहित अन्य जिला अधिकारी।
नोट: मुख्य सचिव के इन निर्देशों के बाद अब जिला प्रशासन में योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। खासकर स्कूली शिक्षा और गेहूं उपार्जन को लेकर अगले 15-20 दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे।








