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Chhattisgarh Chemist Strike: 20 मई को बंद रह सकती हैं दवा दुकानें, ई-फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा फैसला

Medical Device store business

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Chhattisgarh Chemist Strike: 20 मई को बंद रह सकती हैं दवा दुकानें, ई-फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों का बड़ा फैसला। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में 20 मई को दवाइयों के लिए किल्लत हो सकती है। आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर देशभर के 12 लाख दवा व्यापारी हड़ताल पर जा रहे हैं। रायपुर जिला दवा विक्रेता संघ ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद का समर्थन करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दिया है।

क्यों हो रही है यह हड़ताल? (प्रमुख कारण)

दवा व्यापारियों की नाराजगी के पीछे तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं:

  1. अवैध ई-फार्मेसी का विरोध: व्यापारियों का आरोप है कि ऑनलाइन कंपनियां बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के दवाएं बेच रही हैं, जिससे नशे की लत वाली दवाओं और एंटीबायोटिक्स का दुरुपयोग बढ़ रहा है।

  2. भारी छूट (Predatory Pricing): ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दी जा रही भारी छूट से पारंपरिक छोटे और मध्यम दवा दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है।

  3. औषधि विभाग की सख्ती: व्यापारियों में विभाग द्वारा चलाए जा रहे जांच अभियानों को लेकर भी असंतोष है। उनका कहना है कि नियमों के नाम पर छोटे दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है।

मरीजों की बढ़ी चिंता: क्या करें?

20 मई को होने वाले इस संभावित बंद से उन मरीजों को परेशानी हो सकती है जो नियमित रूप से जीवनरक्षक दवाइयां लेते हैं।  हृदय रोग, डायबिटीज, अस्थमा और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज 20 मई से पहले ही अपनी दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित कर लें।हालांकि आपातकालीन सेवाओं (अस्पताल के भीतर की फार्मेसी) को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहने के आसार हैं।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

“ई-फार्मेसी और अव्यवस्थित दवा कारोबार जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है। हमारी मांग है कि सरकार ई-फार्मेसी पर सख्त नियंत्रण लगाए और अनुचित मूल्य निर्धारण को रोके। इसी के विरोध में 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद किया जाएगा।” — विनय कृपलानी, अध्यक्ष, जिला दवा विक्रेता संघ रायपुर

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