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Chhaava film reviewed : विकी का कौशल दिखेगा फिल्म ‘चहावा’ में , इतिहास, देशभक्ति और साहस की अनोखी कहानी

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Chhaava film reviewed : विकी का कौशल दिखेगा फिल्म ‘चहावा’ में , इतिहास, देशभक्ति और साहस की अनोखी कहानी। विकी कौशल की ‘छावा’ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है. पहले ही दिन इस फिल्म ने लगभग 33 करोड़ का बिज़नेस किया है. दुनियाभर में भी इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर 50 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है. महाराष्ट्र में फिलहाल ये फिल्म हाउसफुल चल रही है. इस फिल्म में विकी कौशल प्रमुख भूमिका में हैं और लक्ष्मण उतेकर ने ‘छावा’ का निर्देशन किया है. छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे छत्रपति संभाजी महाराज पर ये फिल्म बनी है. अगर आपने ये फिल्म अब तक नहीं देखी, तो हम आपको इन 5 वजहों के साथ बताते हैं कि ये फिल्म थिएटर में क्यों देखनी चाहिए।

हमारे गौरवशाली इतिहास की एक कहानी

छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में पूरा देश जानता है. लेकिन उनके बड़े बेटे संभाजी महाराज के बारे में महाराष्ट्र के बाहर के रहने वाले लोगों को जानकारी तो है लेकिन उनकी लोकप्रियता वैसी नहीं है. किस तरह से शिवाजी महाराज के इस बेटे ने चंद हजार की सेना के साथ मुगलों के शहंशाह को टक्कर दी थी. कैसे औरंगजेब की जीत हार में बदल गई और कैसे छत्रपति संभाजी महाराज की हार जीत में तब्दील हुई, ये शानदार कहानी जानने के लिए ये फिल्म जरूर देखें।

विकी कौशल की दमदार एक्टिंग

शेर के बच्चे को मराठी भाषा में ‘छावा’ कहते हैं. विकी कौशल ने अपनी एक्टिंग की दहाड़ लगाते हुए ये संभाजी महाराज के किरदार को पूरा न्याय दिया है. इस फिल्म में विकी कौशल एक ऐसा किरदार निभाने जा रहे थे कि जिसमें छोटी सी भी कोई गलती बहुत भारी पड़ सकती थी, क्योंकि इस किरदार से करोड़ो लोगों की भावनाए जुड़ी हुई हैं. लेकिन जो जिम्मेदारी उनपर सौंपी गई थी, वो जिम्मेदारी उन्होंने शिद्दत से निभाई.

जबरदस्त क्लाइमेक्स

स्पॉइलर्स बताएंगे तो नहीं, लेकिन इस फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत जबरदस्त है. जब ‘शिवा का छावा’ और औरंगजेब एक दूसरे के सामने आते हैं? तब क्या होता है? ये देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

लक्ष्मण उतेकर का निर्देशन

वैसे तो लक्ष्मण उतेकर ने कई हिंदी फिल्में बनाई हैं. लेकिन ‘छावा‘ की बात अलग थी. अगर विकी से एक्टिंग में कोई गलती होती, तो शायद उन्हें बक्श दिया जाता, लेकिन महाराष्ट्र से होने के बावजूद अगर लक्ष्मण उतेकर से कोई गलती हो जाती, तो उन्हें लोग बिलकुल भी माफ नहीं करते. यही वजह है कि जब फिल्म के ट्रेलर में संभाजी महाराज को लेजिम खेलते हुए दिखाया गया, तब उसका जमकर विरोध हुआ और ये सीन लक्ष्मण उतेकर को फिल्म से हटाना पड़ा. लेकिन लक्ष्मण उतेकर ने बहुत ही जिम्मेदारी से ये कहानी हमारे साथ पेश की है और लोग उसे बहुत पसंद भी कर रहे हैं.

औरंगजेब के किरदार में अक्षय खन्ना

अच्छी फिल्म के लिए एक बहुत बुरा विलेन भी जरूरी होता है और अक्षय खन्ना ने ये किरदार ईमानदारी से निभाया है. फिल्म देखकर लोगों के दिल में उनके लिए बढ़ने वाली नफरत इस बात का सबूत है.

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