चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा। मध्य प्रदेश के चंदला स्थित प्राइमरी संदीपनि विद्यालय परिसर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। स्कूल परिसर में बने एक गहरे खुले कुएं में गिरने से मासूम छात्र अवधेश सोनी (पिता: संतोष सोनी) की जान बाल-बाल बची। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और स्थानीय निवासियों की तत्परता से बच्चे को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।
सुरक्षा गार्ड और शिक्षकों की मौजूदगी के बावजूद बड़ा हादसा: चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा
हैरानी की बात यह है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा गार्ड की तैनाती के साथ-साथ शिक्षक और शिक्षिकाएं भी मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद परिसर के भीतर स्थित जानलेवा खुला कुआं लंबे समय से असुरक्षित स्थिति में पड़ा हुआ है। इसी मैदान में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) तैयार किया जाता है और बच्चों को वहीं बैठाकर खाना भी खिलाया जाता है। चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा के बाद अब स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिभावकों का आरोप: हादसे के बाद भी नहीं दी गई समय पर सूचना
पीड़ित छात्र के माता-पिता का आरोप है कि इतना बड़ा हादसा हो जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें समय पर कोई सूचना नहीं दी। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा की खबर फैलते ही क्षेत्र के लोगों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा विरोध जताया।
प्रशासन और शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद आक्रोशित अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि:
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विद्यालय परिसर में बने खुले कुएं को तत्काल प्रभाव से ढका या सुरक्षित किया जाए।
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इस चंदला संदीपनि विद्यालय हादसा की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी प्रबंधन और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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क्षेत्र के सभी निजी और शासकीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित की जाए।

