आज से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: Maa Shailputri की पूजा से होगी शुरुआत, पढ़ें आरती
आज से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: Maa Shailputri की पूजा से होगी शुरुआत, पढ़ें आरती
आज से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: Maa Shailputri की पूजा से होगी शुरुआत, पढ़ें आरती। आक 19 मार्च से चैत्र मास की नवरात्रि शुरू हो रही है, जिसका समापन 27 मार्च को होगा. ये पर्व बहुत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है. इसमें माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. साथ ही नौ दिनों का व्रत किया जाता है. नवरात्रि का हर दिन माता दुर्गा के किसी न किसी स्वरूप को समर्पित किया गया है. कल नवरात्रि का पहला दिन है. पहला दिन माता शैलपुत्री को समर्पित है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हिमालयराज के यहां जब पुत्री ने जन्म लिया तो उनका नाम शैलपुत्री रखा गया।
आज से चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ: Maa Shailputri की पूजा से होगी शुरुआत, पढ़ें आरती
माता का वाहन वृषभ है. यानी माता बैल पर विराजती हैं. मां शैलपुत्री के दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का फूल होता है. उन्हें सती के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वो सती मां का ही दूसरा रूप मानी जाती हैं. मां शैलपुत्री का विवाह भगवान शंकर के साथ हुआ है. नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दौरान माता की आरती भी की जाती है. मान्यता है कि पूजा के समय आरती पढ़ने से माता प्रसन्न होती हैं और आशीर्वाद प्रदान करती हैं, तो आइए पढ़ते हैं आरती
मां शैलपुत्री की आरती (Mata Shailputri Aarti Lyrics in Hindi)
शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।