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CBSE 10th 12th Exam Date: आगे बढ़ सकती है सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं

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CBSE 10th 12th Exam Date। कोरोना संकट के चलते देश के अधिकतर राज्यों में स्कूल अभी भी बंद हैं। ऐसे में सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं कुछ और आगे बढ़ सकती हैं। बोर्ड परीक्षाएं अब फरवरी-मार्च की जगह अप्रैल-मई में कराई जा सकती है।

हालांकि इस संबंध में अभी चर्चा लगातार हो रही है। स्कूल संगठनों और प्रतियोगी परीक्षाएं कराने वाली एजेंसियों के साथ सरकार चर्चा कर रही है। फिलहाल अगले कुछ ही दिनों से इसे लेकर सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पिछले साल यानी वर्ष 2020 में CBSE की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से 30 मार्च के बीच हुई थीं।

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं सहित जेईई मेंस और नीट जैसी परीक्षाओं की तारीखों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक खुद भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ 10 दिसंबर को इस मुद्दे पर सीधी चर्चा भी रखी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षामंत्री ने सुझाव भी मांगे हैं। हालांकि इस सब के बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े सूत्रों की मानें तो स्कूलों के बंद होने से छात्रों को थ्योरी तो ऑनलाइन पढ़ा दी गई है, लेकिन प्रैक्टिकल अभी बिल्कुल भी नहीं हो पाया है। ऐसे में बगैर प्रैक्टिकल कराए छात्रों की कैसे परीक्षाएं ली जा सकती हैं।

10-10 के ग्रुप में प्रैक्टिकल क्लास की तैयारी

15 दिसंबर के बाद 10-10 के ग्रुप में प्रैक्टिकल के लिए बुलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और राज्यों की अनुमति जरूरी होगी। गौरतलब है कि साल 2020 में छात्रों की प्रैक्टिकल की परीक्षाएं 1 जनवरी से ही शुरू हो गई थी, जो 7 फरवरी तक हुई थी, जबकि इस साल भी अभी तक छात्रों ने प्रयोगशालाओं का मुंह तक नहीं देखा है।

ऑनलाइन पढ़ाई से न छात्र संतुष्ट, न शिक्षक

कोरोना के चलते भले ही छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है, लेकिन इस पढ़ाई से न तो ज्यादातर छात्र संतुष्ट हैं,न तो शिक्षक। इसी कारण स्कूल भी परीक्षाओं के लिए और समय देने के पक्ष में हैं। स्कूलों का मानना है कि जिस तरह से कोविड-19 से बचाव के लिए टीके के कुछ ही हफ्तों में आने की उम्मीद जताई जा रही है,उसके बाद कोरोना के डर में भी कमी आएगी। साथ ही जो अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं, वह भी तैयार हो जाएंगे। इसके बाद बच्चों को कुछ हफ्तों के लिए स्कूल बुलाकर उन्हें प्रैक्टिकल सहित ऐसे चैप्टर पढ़ाए जा सकेंगे, जो ऑनलाइन उनकी समझ में नहीं आए हैं। यही वजह है कि वह भी कुछ और समय चाह रहे है।

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