Canada intelligence Report: कनाडा का यू-टर्न! खालिस्तानियों को माना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, फिर भी भारत पर मढ़ा जासूसी का दोष। कनाडा की सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) ने अपनी वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट कनाडा की संसद में पेश की है। यह रिपोर्ट भारत और कनाडा के बीच जारी तनाव में एक नया मोड़ ले आई है। रिपोर्ट में कनाडा सरकार ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि खालिस्तानी तत्वों से देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
कनाडा की सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) की 2025 रिपोर्ट में खालिस्तानी तत्वों को कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। रिपोर्ट में एअर इंडिया फ्लाइट 182 धमाके का जिक्र भी है, लेकिन भारत पर भी जासूसी के आरोप लगे हैं। पढ़ें कनाडा के दोहरे रवैये की पूरी खबर।
CSIS रिपोर्ट की 5 बड़ी बातें:
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सुरक्षा को खतरा: कनाडा में मौजूद खालिस्तानी तत्व लगातार हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं, जो कनाडा के हितों के लिए खतरनाक है।
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कनाडा की सरजमीं का इस्तेमाल: कुछ चरमपंथी कनाडाई संस्थाओं का उपयोग कर रहे हैं और समुदाय से पैसे इकट्ठा कर हिंसक गतिविधियों में लगा रहे हैं।
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कनाडा का सबसे घातक हमला: रिपोर्ट में एअर इंडिया फ्लाइट 182 बम धमाके (कनाडा के इतिहास का सबसे घातक हमला) का जिक्र किया गया है, जिसमें कनाडा आधारित खालिस्तानी चरमपंथियों का हाथ था।
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भारत पर गंभीर आरोप: विरोधाभास दिखाते हुए, रिपोर्ट में चीन और रूस के साथ भारत पर भी जासूसी और कनाडा की अंदरूनी राजनीति में दखल देने का आरोप लगाया गया है।
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भारत में ‘ट्रांसनेशनल रेप्रेशन’ का दावा: कनाडा का आरोप है कि भारत कनाडाई नेताओं और भारतीय समुदाय के लोगों पर दबाव बना रहा है ताकि भारत सरकार की आलोचना को दबाया जा सके।
कनाडा का विरोधाभास
यह रिपोर्ट कनाडा सरकार के दोहरे रवैये को उजागर करती है। एक तरफ वह खालिस्तानियों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मान रही है, लेकिन उन्हें “कानूनी राजनीतिक गतिविधि” के नाम पर शरण भी दे रही है। साथ ही, जब भारत इन खतरों की बात करता है, तो कनाडा भारत पर ही हस्तक्षेप के आरोप लगाता है।

