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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का बंपर धमाका: Q1 में कमाया ₹3,120 करोड़ का मुनाफा; सितंबर में आएगा ₹300 अरब का मेगा IPO

ट्रेडिंग की आंधी में NSE की चांदी: Q1 में कमाया ₹3,120 करोड़ का मुनाफा; अब ₹300 अरब के IPO की तैयारी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का बंपर धमाका: Q1 में कमाया ₹3,120 करोड़ का मुनाफा; सितंबर में आएगा ₹300 अरब का मेगा IPO

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में रिकॉर्ड ट्रेडिंग और निवेशकों की भारी भागीदारी के दम पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार प्रदर्शन किया है। एक्सचेंज का समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर लगभग 6.7% बढ़कर ₹3,120 करोड़ पहुंच गया है।

इस बंपर वित्तीय नतीजे के साथ ही बाजार नियामक ‘सेबी’ (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने के बाद अब एनएसई के बहुप्रतीक्षित ₹300 अरब (~3 अरब डॉलर) के मेगा आईपीओ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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ट्रांजैक्शन फीस और आमदनी में तगड़ा उछाल

शेयरों की जमकर हुई खरीद-बिक्री के कारण एक्सचेंज की कमाई में मुख्य योगदान ट्रांजैक्शन चार्ज का रहा:

  • कुल आमदनी (Total Income): पहली तिमाही में NSE की कुल आय 9.5% बढ़कर ₹5,252 करोड़ रही (जो पिछले साल ₹4,798 करोड़ थी)।

  • ट्रांजैक्शन फीस से कमाई: कुल परिचालन आय ₹4,560 करोड़ में से ₹3,623 करोड़ की कमाई सीधे ट्रांजैक्शन फीस से हुई है।

  • अन्य आय स्रोत: डेटा कनेक्टिविटी (₹258 करोड़), ऑपरेटिंग इन्वेस्टमेंट्स (₹234 करोड़) और डेटा फीड/टर्मिनल सर्विसेज (₹150 करोड़) से भी अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ।

  • खर्च और टैक्स जमा: इस अवधि में कंपनी का कुल खर्च ₹1,129 करोड़ रहा। वहीं, NSE ने एसटीटी (STT), जीएसटी और इनकम टैक्स मिलाकर सरकारी खजाने में ₹20,579 करोड़ का योगदान दिया है।

सितंबर में आ सकता है NSE का Mega IPO: जानिए मुख्य बातें

कंपनी द्वारा SEBI के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, इस आईपीओ से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  1. ऑफर फॉर सेल (OFS): इस IPO में कोई नया शेयर जारी नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह से ‘Offer For Sale’ होगा, यानी मौजूदा बड़े शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी आम जनता को बेचेंगे।

  2. दिग्गज कंपनियां बेचेंगी हिस्सेदारी:

    • LIC (लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन): NSE में सबसे बड़ी शेयरधारक (10.72% हिस्सेदारी)।

    • इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और कुछ प्रमुख विदेशी निवेशक भी अपने शेयर बेचकर आंशिक रूप से बाहर निकलेंगे।

  3. बाजार का इंतजार: SEBI की अंतिम मंजूरी मिलते ही यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बन जाएगा।

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