भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। कांग्रेस सरकार के दौरान उनके सहयोगी आरके मिगलानी, प्रवीण कक्कड़, अश्विन शर्मा सहित अन्य के यहां मारे गए छापों की रिपोर्ट पर भारत निर्वाचन आयोग ने कमल नाथ के पसंदीदा भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारी और राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य प्रदेश से कहा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की रिपोर्ट में शामिल अन्य लोगों को आर्थिक अपराध और चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल के मामले में आरोपी बनाया जाए। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक आइपीएस अधिकारियों में सुशोवन बनर्जी, संजय वी माने, वी मधुकुमार और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी अरुण कुमार मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
लोकसभा चुनाव 2019 के समय कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से उनके बेटे नकुल नाथ ने चुनाव लड़ा था। माना जा रहा है कि यह सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है। इधर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की शर्मनाक शिकस्त के बाद कमलनाथ से प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष दोनों पदों पर इस्तीफा देने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि इसी मामले से 4 IPS पर भी आरोप लगे हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा उपचुनाव में चुनाव आयोग ने कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया था। कमलनाथ में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री श्रीमती इमरती देवी को ‘क्या आइटम है’ कहकर पुकारा था। इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ था।

