डॉ. गुलेरिया ने कहा, ‘स्टेरॉयड्स के ज्यादा इस्तेमाल करने से अब ब्लैक फंगल के केस सामने आ रहे हैं।’ उन्होने कहा कि आम लोगों को फंगल इंफेक्शन नहीं होता। लेकिन कोविड के कारण केस काफी सामने आ रहे हैं। एम्स में इंफेक्शन के 23 केस हैं। उनमें 20 अभी भी पॉजिटिव हैं। एम्स डायरेक्टर ने कहा, ‘फंगल इंफेक्शन आंख, नाक, गला और फेफड़े पर हो सकता हैं।’

उन्होंने कहा कि स्टेरॉड्स का गलत इस्तेमाल फंगल इंफेक्शन का प्रमुख कारण हैं। डायबिटीज के साथ कोरोना मरीजों को स्टेरॉयड दिया जा रहा है। जिस कारण फंगल का खतरा बढ़ रहा है। गुलेरिया ने कहा कि स्टेरॉयड का मिसयूज होने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि जिनका ऑक्सीजन लेवल कम नहीं है, उन्हें स्टेरॉयड देना बेहद खतरनाक है।