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Datia: टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस नेता अवधेश नायक से मिलने पहुंचे बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी; कयास तेज

Datia: टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस नेता अवधेश नायक से मिलने पहुंचे बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी; कयास तेज

Datia: टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस नेता अवधेश नायक से मिलने पहुंचे बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी; कयास तेज

दतिया/दमोह: मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर दल-बदल और चुनावी जोड़-तोड़ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस से टिकट न मिलने के कारण नाराज चल रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सोमवार रात भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी खुद अचानक अवधेश नायक के निवास पर पहुंचे, जिसके बाद क्षेत्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

बताया जाता है कि इस बंद कमरे की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी आपसी चर्चा हुई है, जिसे आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 अवधेश नायक ने की पुष्टि: बोले, “दोनों रास्ते खुले हैं”

इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात की पुष्टि खुद वरिष्ठ नेता अवधेश नायक ने की है। उन्होंने मीडिया (नईदुनिया) से बातचीत के दौरान कहा:

  • सौजन्य भेंट: यह भाजपा प्रत्याशी की तरफ से एक सामान्य और सौजन्य भेंट (शिष्टाचार मुलाकात) थी। इसे फिलहाल सहज ही देखा जाना चाहिए।

  • कांग्रेस प्रचार से दूरी की वजह: जब उनसे कांग्रेस के चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मैं अभी अपने समर्थकों से इस मुद्दे को लेकर लगातार चर्चा कर रहा हूँ। क्षेत्र काफी बड़ा है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संपर्क करने में थोड़ा समय लग रहा है।”

रणनीति पर बड़ा बयान: अवधेश नायक ने साफ शब्दों में अपनी सियासी महत्वाकांक्षा को जाहिर करते हुए कहा कि जैसी समर्थकों की राय होगी, उसके आधार पर ही वह अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सामने फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के रूप में दोनों ही पक्ष (रास्ते) खुले हैं और वे जल्द ही इस मुद्दे पर कोई बड़ा निर्णय लेंगे। Datia: टिकट न मिलने से नाराज कांग्रेस नेता अवधेश नायक से मिलने पहुंचे बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी; कयास तेज

कांग्रेस की बढ़ी टेंशन, बीजेपी को फायदे की उम्मीद

चुनाव के ठीक पहले वरिष्ठ नेताओं की ऐसी नाराजगी और प्रतिद्वंदी पार्टी के उम्मीदवार से मुलाकात हमेशा ही समीकरण बदल देती है।

  1. समर्थकों का रुख तय करेगा भविष्य: अवधेश नायक का अपने क्षेत्र में एक मजबूत जनाधार और समर्थकों का बड़ा नेटवर्क है। यदि उनके समर्थक बगावत का रुख अपनाते हैं, तो कांग्रेस के लिए अपनी सीट बचाना मुश्किल हो सकता है।

  2. बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक: आशुतोष तिवारी का चुनाव प्रचार के बीच अचानक नायक के घर पहुंचना यह दिखाता है कि बीजेपी इस नाराजगी का पूरा फायदा उठाने और कांग्रेस के पारंपरिक वोटों में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रही है।

अब देखना यह होगा कि समर्थकों से रायशुमारी के बाद अवधेश नायक कांग्रेस में ही बने रहते हैं या फिर चुनाव से ठीक पहले भाजपा का ‘कमल’ थामकर सबको चौंका देते हैं।

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