बिहार में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: हाजीपुर रेलवे ट्रैक पर मिला ‘पाकिस्तानी’ कनेक्शन वाला सीक्रेट कैमरा; यासीन भटकल लिंक से हड़कंप।बिहार के हाजीपुर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसने सुरक्षा महकमे में खलबली मचा दी है। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेल खंड के सराय रेलवे स्टेशन पर एक सिग्नल टावर के पास हाईटेक सीक्रेट IP कैमरा बरामद हुआ है। जांच में इस कैमरे का सीधा संबंध पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क और यासीन भटकल लिंक से होने की बात सामने आ रही है।
बिहार में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: हाजीपुर रेलवे ट्रैक पर मिला ‘पाकिस्तानी’ कनेक्शन वाला सीक्रेट कैमरा; यासीन भटकल लिंक से हड़कंप
कैसे हुआ खुलासा? (NGO कर्मी का ड्रामा)
हादसे या साजिश का पता तब चला जब एक युवक खुद को NGO कर्मी बताकर फाटक संख्या-43 के पास पहुंचा। हरियाणा वाली भाषा बोल रहे इस युवक ने सिग्नल टावर पर कैमरा लगाया। गेटमैन को शक हुआ और उसने तुरंत स्टेशन मास्टर मनोज कुमार को सूचना दी। जब जांच की गई, तो पता चला कि यह कोई साधारण कैमरा नहीं, बल्कि आतंकी रेकी का औजार था।
कैमरे की 3 खतरनाक खूबियां:
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IP तकनीक और 4G सिम: यह कैमरा IP तकनीक पर आधारित था और 4G सिम के जरिए संचालित हो रहा था। इसे कर्नाटक के तटीय क्षेत्र में बैठा व्यक्ति अपने मोबाइल से दूर बैठे ऑपरेट कर रहा था।
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सोलर पावर्ड: बिजली की चिंता न हो, इसलिए इसे सोलर प्लेट से लैस किया गया था।
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नाइट विजन और मूवेबल: कैमरा चारों ओर घूमने में सक्षम था और रात के अंधेरे में भी हाई-डेफिनिशन रिकॉर्डिंग कर रहा था। पुलिस ने इससे एक घंटे की फुटेज बरामद की है।
यासीन भटकल लिंक और ‘बड़ी स्ट्राइक’ का शक
सुरक्षा एजेंसियों के होश तब उड़ गए जब कैमरे की जांच में आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर भी मिली। खुफिया विभाग का मानना है कि इस कैमरे का इस्तेमाल किसी VIP मूवमेंट, ट्रेन बम धमाके या बड़े आतंकी हमले की रेकी के लिए किया जा रहा था। फिलहाल मुजफ्फरपुर रेल एसपी बिना कुमारी और RPF मामले की गहन जांच कर र

