भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल: पुरानी DPR की चूक उजागर, ऐशबाग समेत दो प्रमुख स्टेशन हटाए गए; अब बनेंगे सिर्फ 27 स्टेशन
भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल: पुरानी DPR की चूक उजागर, ऐशबाग समेत दो प्रमुख स्टेशन हटाए गए; अब बनेंगे सिर्फ 27 स्टेशन

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल: पुरानी DPR की चूक उजागर, ऐशबाग समेत दो प्रमुख स्टेशन हटाए गए; अब बनेंगे सिर्फ 27 स्टेशन
भोपाल: भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वर्ष 2015 में तैयार की गई पुरानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में एक बड़ी तकनीकी चूक का खुलासा हुआ है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब ग्राउंड लेवल पर दोबारा सर्वे कराया गया, तब इस गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद मेट्रो प्रशासन ने रूट में बड़ा बदलाव करते हुए दो प्रमुख स्टेशनों को प्रोजेक्ट से पूरी तरह हटा दिया है। अब भोपाल मेट्रो में पूर्व निर्धारित 29 स्टेशनों की जगह केवल 27 स्टेशन ही बनाए जाएंगे। भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा फेरबदल: पुरानी DPR की चूक उजागर, ऐशबाग समेत दो प्रमुख स्टेशन हटाए गए; अब बनेंगे सिर्फ 27 स्टेशन
क्यों हटाना पड़ा ऐशबाग मेट्रो स्टेशन?
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MPMRCL) के प्रबंध निदेशक (MD) एस. कृष्ण चैतन्य ने इस बड़े फैसले के पीछे की तकनीकी वजहों को स्पष्ट किया है:
- रेलवे की चौथी लाइन का काम: भोपाल रेलवे स्टेशन के पास वर्तमान में थ्री-लेन (तीन लाइन) ट्रैक है और वहां चौथी रेलवे लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
- जगह की भारी कमी: टेंडर के बाद जब तकनीकी पहलुओं को दोबारा गहराई से जांचा गया, तो सामने आया कि ऐशबाग क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।
- व्यावहारिक चुनौतियां: कार्यस्थल की तकनीकी जटिलताओं और व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए ऐशबाग में मेट्रो स्टेशन बनाना संभव नहीं पाया गया, जिसके चलते इसे हटाने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।
पुरानी डीपीआर (DPR) पर उठे सवाल
इस बदलाव के बाद वर्ष 2015 में तैयार की गई शुरुआती डीपीआर पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि ग्राउंड लेवल की वास्तविक स्थितियों और रेलवे के भविष्य के प्लान को ध्यान में रखे बिना ही स्टेशनों का खाका तैयार कर दिया गया था। फिलहाल, इन दो स्टेशनों को हटाए जाने के बाद अब नए सर्वे के आधार पर मेट्रो ट्रैक और बचे हुए 27 स्टेशनों के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।








