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भोपाल के आजमीन-ए-हज के लिए बड़ी राहत: 4 साल बाद मक्का रुबात में फिर ठहर सकेंगे हाजी, 17 अक्टूबर को निकलेगा कुर्रा

 हज 2026 का आगाज़: दिल्ली से 371 जायरीन का पहला जत्था मक्का रवाना, भावुक माहौल में विदाई

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भोपाल के आजमीन-ए-हज के लिए बड़ी राहत: 4 साल बाद मक्का रुबात में फिर ठहर सकेंगे हाजी, 17 अक्टूबर को निकलेगा कुर्रा

विशेष रिपोर्ट (यशभारत.कॉम): भोपाल के आजमीन-ए-हज (हज यात्रियों) के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद मक्का मुकर्रमा स्थित ऐतिहासिक ‘भोपाल रुबात’ में हज यात्रियों के ठहरने की सुविधा एक बार फिर बहाल कर दी गई है। भोपाल के आजमीन-ए-हज के लिए बड़ी राहत: 4 साल बाद मक्का रुबात में फिर ठहर सकेंगे हाजी, 17 अक्टूबर को निकलेगा कुर्रा

हज 2027 के तहत रुबात में ठहरने की सुविधा पाने वाले हाजियों का चयन कुर्रा (लॉटरी) के जरिए किया जाएगा, जो शनिवार, 17 अक्टूबर को सुबह 10 बजे ऐतिहासिक मोती मस्जिद में निकाला जाएगा।

औकाफ-ए-शाही की बैठक में लिया गया फैसला

यह महत्वपूर्ण फैसला औकाफ-ए-शाही, भोपाल की कार्यकारी-सह-सलाहकार कमेटी की समीक्षा बैठक में लिया गया। कमेटी ने हज 2027 की तैयारियों का जायजा लेते हुए बताया कि सऊदी अरब सरकार के नए दिशा-निर्देशों और तय प्रक्रियाओं के तहत रुबात में हाजियों के ठहरने से जुड़ी सभी कानूनी व प्रशासनिक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

क्या है मक्का स्थित ‘भोपाल रुबात’?

मक्का मुकर्रमा में स्थित रुबात भोपाल रियासत के दौर में नवाबों द्वारा बनाई गई एक ऐतिहासिक इमारत (धर्मशाला/सराय) है, जहाँ भोपाल के हाजियों को मक्का में बिल्कुल मुफ्त या रियायती दर पर ठहरने और भोजन आदि की सुविधाएं मिलती रही हैं। पिछले चार सालों से सऊदी नियमों और जीर्णोद्धार/स्वीकृतियों के चलते इसमें ठहराव रुका हुआ था, जिसे अब सऊदी सरकार के नए मानकों के अनुसार फिर से शुरू किया जा रहा है।

17 अक्टूबर को लॉटरी से तय होंगे नाम

17 अक्टूबर को मोती मस्जिद में सुबह 10 बजे आयोजित होने वाले कुर्रा (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उन खुशकिस्मत हाजियों के नामों की घोषणा की जाएगी, जिन्हें हज 2027 के दौरान इस ऐतिहासिक रुबात में रहने का मौका मिलेगा। इस फैसले से भोपाल के आजमीन-ए-हज के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।

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