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भोपाल में नकली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: बंगाल के रास्ते आ रही थी जाली करेंसी, ₹1.40 लाख के साथ साइबर ठग गिरफ्तार

भोपाल में नकली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: बंगाल के रास्ते आ रही थी जाली करेंसी, ₹1.40 लाख के साथ साइबर ठग गिरफ्तार

भोपाल में नकली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: बंगाल के रास्ते आ रही थी जाली करेंसी, ₹1.40 लाख के साथ साइबर ठग गिरफ्तार

भोपाल में नकली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश: बंगाल के रास्ते आ रही थी जाली करेंसी, ₹1.40 लाख के साथ साइबर ठग गिरफ्तार। राजधानी भोपाल की कोहेफिजा थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नकली नोटों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपित सैफुल इस्लाम के पास से 1 लाख 40 हजार रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट बरामद हुए हैं। यह गिरोह बंगाल के रास्ते जाली नोट लाकर भोपाल के बाजारों में खपा रहा था।

साइबर ठगी की जांच ने खोला राज

हैरानी की बात यह है कि पुलिस नकली नोटों की नहीं, बल्कि साइबर ठगी के एक मामले की जांच कर रही थी। यश जायसवाल नामक युवक की शिकायत पर पुलिस सैफुल इस्लाम तक पहुंची थी। सैफुल मासूम लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाता था। जब पुलिस ने उसके शाहपुरा स्थित किराये के मकान पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

UK की सिम और जाली नोटों का जखीरा

तलाशी के दौरान पुलिस को सैफुल के पास से:

एक ही सीरियल नंबर के नोटों ने खोली पोल

कोहेफिजा थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला के अनुसार, जब्त किए गए नोट पहली नजर में बिल्कुल असली लग रहे थे। इनकी प्रिंटिंग इतनी शानदार थी कि कोई भी धोखा खा जाए। हालांकि, जब पुलिस ने गड्डियों की बारीकी से जांच की, तो पाया कि कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर दर्ज था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जाली करेंसी के रूप में पहचाना गया।

बंगाल कनेक्शन और मास्टरमाइंड

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपित पिछले दो-तीन महीनों से भोपाल के बाजारों में इन नोटों को खपा रहा था। पुलिस अब उस नेटवर्क की तलाश कर रही है जो बंगाल के रास्ते इन नोटों को भोपाल तक पहुंचा रहा था। यूके की सिम का इस्तेमाल वह इसलिए करता था ताकि साइबर पुलिस उसे ट्रेस न कर सके।

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