MP संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: 10 साल का अनुभव रखने वालों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी, विधानसभा में मिला जवाब
MP संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: 10 साल का अनुभव रखने वालों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी, विधानसभा में मिला जवाब
MP संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: 10 साल का अनुभव रखने वालों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी, विधानसभा में मिला जवाब
भोपाल: मध्य प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों को संविदा नीति के तहत नियमित पदों पर संविलियन (Regularization) करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। विधानसभा में मंगलवार को राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मी इसके लिए पात्र माने गए हैं।
बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जनवरी 2026 को संविदा कर्मचारियों के हित में यह बड़ी घोषणा की थी। MP संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर: 10 साल का अनुभव रखने वालों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी, विधानसभा में मिला जवाब
विधानसभा में गूंजा संविदाकर्मियों का मुद्दा
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए सवाल किया कि अब तक संविलियन की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई है और संविदा कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर लगातार असमंजस में हैं।
इस पर जवाब देते हुए राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने सदन को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल किया जा रहा है और पात्र संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।
चाइल्ड केयर लीव (Child Care Leave) पर स्पष्टीकरण
विधानसभा में चर्चा के दौरान संविदा कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी स्थिति साफ की गई:
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चाइल्ड केयर लीव नहीं: राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि संविदा नीति के तहत संविदा कर्मचारियों को ‘चाइल्ड केयर लीव’ (Child Care Leave) की सुविधा नहीं मिलती है।
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केवल नियमित कर्मचारियों के लिए लागू: यह नियम वर्तमान में केवल नियमित (Permanent) सरकारी कर्मचारियों के लिए ही लागू हैं और संविदा नीति में इसका कोई प्रावधान नहीं रखा गया है।








