फारस की खाड़ी में बड़ी चाल: अमेरिका ने होर्मुज और तीन द्वीपों पर काबू पाने की तैयारी शुरू, फारस की खाड़ी में होर्मुज और खार्ग पर नियंत्रण को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन क्षेत्रों पर नियंत्रण का संकेत दिया है, जिसके लिए मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की जा रही है।
फारस की खाड़ी में बड़ी चाल: अमेरिका ने होर्मुज और तीन द्वीपों पर काबू पाने की तैयारी शुरू
जानकार मानते हैं कि ट्रंप की योजना सिर्फ ईरान को दबाने तक सीमित नहीं है, बल्कि फारस की खाड़ी में रणनीतिक महत्व वाले तीन द्वीप – अबू मूसा, द ग्रेटर और लीजर टंब्स – पर अमेरिका का ध्यान केंद्रित है।
ये तीनों द्वीप फिलहाल ईरान के नियंत्रण में हैं, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) इन पर दावा करता रहा है। अबू मूसा द्वीप यूएई के शारजाह से 59 किलोमीटर और ईरान के बंदर अब्बास से 70 किलोमीटर दूर स्थित है। यह होर्मुज के मुहाने पर होने के कारण तेल टैंकरों और जहाजों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। द ग्रेटर और लीजर टंब्स इसके आसपास स्थित हैं, जो फारस की खाड़ी में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
क्विंसी इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ त्रिता पारसी के मुताबिक, अमेरिका इन द्वीपों पर चुपचाप कब्जा करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य दोहरी रणनीति है – ईरान को यह समझाना कि होर्मुज में उसका नियंत्रण खतरे में है और साथ ही यूएई को सुरक्षा और समर्थन का आश्वासन देना।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूएई इस कदम को चाहता है क्योंकि पिछले महीने ईरान ने इस पर लगभग 2000 हमले किए हैं। फारस की खाड़ी में केवल ईरान का दबदबा न रहे, इसके लिए यूएई ने अमेरिका से सक्रिय भूमिका निभाने की गुहार लगाई है।
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इस क्षेत्र में कब्जा जमाकर सौदेबाजी में बढ़त हासिल करना चाहता है। अगर अमेरिका सफल होता है, तो यह न केवल यूएई को खुश करेगा बल्कि ईरान के लिए खाड़ी में रणनीतिक दबाव भी बढ़ाएगा।
इस बीच, वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर भी यह तनाव असर डाल रहा है। निवेशक और तेल कंपनियां इस स्थिति को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि खाड़ी के इन द्वीपों पर नियंत्रण का हर कदम भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
