रेलवे का बड़ा तोहफा: दिल्ली-लखनऊ समेत 175 स्टेशनों पर महिलाओं को मिलेंगे बिल्कुल ‘मुफ्त’ सैनिटरी पैड
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और चिंतामुक्त बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब ट्रेन यात्रा के दौरान महिला यात्रियों को पीरियड्स (माहवारी) के समय होने वाली अचानक परेशानी से जूझना नहीं पड़ेगा।
उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने दुनिया की अग्रणी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक ‘इंडस टावर्स’ के साथ बड़ी साझेदारी की है। इस गठजोड़ के तहत दिल्ली और लखनऊ सहित देश के 175 रेलवे स्टेशनों पर 500 स्मार्ट सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं, जहां से 24 घंटे बिल्कुल मुफ्त सैनिटरी नैपकिन प्राप्त किए जा सकेंगे। मोहर्रम पर सुरक्षा सख्त: कटनी में शांति और कानून-व्यवस्था के लिए कलेक्टर के निर्देश पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तैनात
इन मंडलों के स्टेशनों पर शुरू हुई सुविधा
उत्तर रेलवे के पांच प्रमुख मंडलों के अंतर्गत आने वाले 175 स्टेशनों पर यह सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जा चुकी हैं: रेलवे का बड़ा तोहफा: दिल्ली-लखनऊ समेत 175 स्टेशनों पर महिलाओं को मिलेंगे बिल्कुल ‘मुफ्त’ सैनिटरी पैड
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दिल्ली मंडल
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लखनऊ मंडल
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अंबाला मंडल
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फिरोजपुर मंडल
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मुरादाबाद मंडल
3 करोड़ से अधिक पैड का वितरण: इंडस टावर्स के सीएसआर (CSR) कार्यक्रम ‘नारी सम्मान’ और ‘प्रगति’ के तहत इस मुहिम को जमीनी स्तर पर उतारा गया है। इस सराहनीय पहल के जरिए अब तक महिलाओं के बीच 3 करोड़ से ज्यादा सैनिटरी पैड मुफ्त बांटे जा चुके हैं।
‘स्मार्ट’ तकनीक (IoT) से लैस हैं मशीनें
स्टेशनों पर लगाई गई ये वेंडिंग मशीनें कोई साधारण मशीनें नहीं हैं, बल्कि ये इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक से जुड़ी हुई हैं।
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कभी खाली नहीं होगी मशीन: इस आधुनिक तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मशीन में पैड खत्म होने से पहले ही सीधे कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाएगा।
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24 घंटे उपलब्धता: इस रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की वजह से स्टेशनों पर हर वक्त बिना किसी रुकावट के सैनिटरी पैड्स की उपलब्धता सुनिश्चित रहेगी।
समावेशी समाज और महिला गरिमा की दिशा में बड़ा कदम
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उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) राजेश कुमार पांडे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हर दिन लाखों कामकाजी महिलाएं, लड़कियां और मरीज ट्रेन से सफर करते हैं। रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में महिलाओं के अनुकूल ऐसे सामाजिक बदलाव अब समय की मांग हैं।
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इंडस टावर्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) तेजिंदर कालरा ने कहा कि कंपनी ने साल 2030 तक 15 करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य रखा है और यह योजना इसी बड़े विजन का एक अहम हिस्सा है। जब स्टेशनों पर महिलाओं को बिना किसी झिझक के यह सुविधा मिलेगी, तो गरिमा उनके जीवन का हिस्सा बनेगी।
यह बेहतरीन पहल भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाई जा रही ‘मासिक धर्म स्वच्छता योजना’ के लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान कर रही है।








