RBI का बड़ा फैसला: प्राकृतिक आपदा आने पर बैंक खुद देंगे राहत, अब ग्राहकों के आवेदन का इंतज़ार ज़रूरी नहीं

मुंबई। गुरुवार, 30 अप्रैल 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कर्जदारों को राहत देने के लिए नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, अब बैंकों को राहत देने के लिए ग्राहकों के आवेदन या अनुरोध का इंतज़ार नहीं करना होगा। बैंक प्रभावित इलाकों में अपने स्तर पर स्वतः (Sua Sponte) राहत प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।

1 जुलाई 2026 से लागू होंगे नए नियम

RBI द्वारा जारी ये दिशा-निर्देश 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे। इसमें सभी प्रकार के वित्तीय संस्थानों—कमर्शियल बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोऑपरेटिव बैंक और NBFCs को शामिल किया गया है।

राहत योजना की मुख्य विशेषताएं:

NPA खातों के लिए विशेष प्रावधान

RBI ने स्पष्ट किया है कि यदि आपदा के बाद कोई खाता NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) हो जाता है, तो राहत योजना लागू होने पर उसे फिर से ‘स्टैंडर्ड’ श्रेणी में लाया जा सकता है। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से बैंकों को ऐसे खातों पर अतिरिक्त 5% प्रोविजनिंग (पैसा सुरक्षित रखना) करनी होगी।

संकट में भी निर्बाध बैंकिंग सेवाएं

आपदा के समय बैंकिंग पहुंच सुनिश्चित करने के लिए RBI ने कड़े निर्देश दिए हैं:

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