नई दिल्ली। 29 अप्रैल, 2026: पान मसाला और गुटखा पर ‘प्लास्टिक’ बैन:FSSAI का बड़ा फैसला, अब कागज की पैकिंग में मिलेंगे ये प्रोडक्ट्स। देश में प्लास्टिक प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर भारत सरकार ने एक बेहद सख्त और बड़ा कदम उठाया है। FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने पान मसाला, गुटखा और तंबाकू उत्पादों की प्लास्टिक पैकेजिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का मसौदा (Draft) तैयार कर लिया है।
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पान मसाला और गुटखा पर ‘प्लास्टिक’ बैन:FSSAI का बड़ा फैसला, अब कागज की पैकिंग में मिलेंगे ये प्रोडक्ट्स
अब प्लास्टिक नहीं, ‘कागज’ चलेगा
नए नियमों के अनुसार, अब इन उत्पादों को प्लास्टिक के छोटे सैशे या पैकेट में नहीं बेचा जा सकेगा। कंपनियों को अब निम्नलिखित सामग्रियों का उपयोग करना होगा:
- कागज और पेपर बोर्ड
- प्राकृतिक सामग्री (Natural Materials)
- पॉलीथिन, पीवीसी या किसी भी सिंथेटिक मटेरियल पर पूर्ण प्रतिबंध।
- यहाँ तक कि एल्युमिनियम फॉयल वाली पैकिंग को भी बाहर किया जा सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
- पर्यावरण संरक्षण: पान मसाला के छोटे प्लास्टिक पैकेट कचरे का सबसे बड़ा स्रोत हैं, जिन्हें रीसायकल करना नामुमकिन होता है।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य: प्लास्टिक के संपर्क में रहने वाले तंबाकू उत्पादों से होने वाले रासायनिक रिसाव के खतरे को कम करना।
- कचरा प्रबंधन: ‘सिंगल यूज प्लास्टिक’ के खिलाफ सरकार की मुहिम को मजबूती देना।
30 दिनों का समय
सरकार ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक कर दिया है और आम जनता के साथ-साथ उद्योग जगत से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इन सुझावों पर विचार करने के बाद नए नियमों को अंतिम रूप देकर देशभर में लागू कर दिया जाएगा।
बदलाव पर एक नजर
| पुरानी व्यवस्था | नई प्रस्तावित व्यवस्था |
| प्लास्टिक/पॉलीथिन सैशे | कागज/नेचुरल मटेरियल पैकिंग |
| एल्युमिनियम फॉयल कोटिंग | पूरी तरह प्रतिबंधित (संभावित) |
| सिंथेटिक मटेरियल का उपयोग | केवल पर्यावरण-अनुकूल सामग्री |

