ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुरैना निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे पर लगाया ₹5,000 का जुर्माना; समय पर काम न करने और कोर्ट को गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई
ग्वालियर/मुरैना, yashbharat.com। ग्वालियर हाईकोर्ट ने शासकीय कार्यप्रणाली और अदालती आदेशों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुरैना नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे पर 5,000 रुपये का जुर्माना (Cost) ठोक दिया है।
न्यायालय ने यह सख्त कार्रवाई कोर्ट द्वारा तय की गई समय-सीमा में कार्य पूरा न करने और सुनवाई के दौरान अदालत को भ्रामक व गलत जानकारी प्रस्तुत करने के विरोध में की है। हाईकोर्ट के इस सख्त रवैये से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। ग्वालियर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मुरैना निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे पर लगाया ₹5,000 का जुर्माना; समय पर काम न करने और कोर्ट को गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई
अदालत की अवमानना और गलत जानकारी पर गिरी गाज
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम प्रशासन की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई हाईकोर्ट ने पूर्व की सुनवाई में नगर निगम आयुक्त को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसका पालन नहीं किया गया। कार्य समय पर पूरा न करने के साथ-साथ न्यायालय के समक्ष जो जानकारी पेश की गई, जांच में वह असत्य और भ्रामक पाई गई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना नगर निगम के खजाने से नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारी को अपनी जेब से जमा कराना होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश
ग्वालियर हाईकोर्ट का यह आदेश उन सभी प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है जो अदालती दिशा-निर्देशों के पालन में ढिलाई बरतते हैं या न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में लेते हैं, मुरैना नगर निगम में विकास कार्यों और अदालती मामलों के निपटारे की धीमी गति को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अदालत ने जुर्माने की राशि जमा करने के साथ ही दिए गए निर्देशों का तत्काल और सही तथ्यों के साथ पालन करने की हिदायत दी है।

