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चावल निर्यात में बड़ा फैसला: इराक के लिए बासमती का फ्रेट खर्च 74% घटाएगा IREF; भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स को होगा करोड़ों का फायदा

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चावल निर्यात में बड़ा फैसला: इराक के लिए बासमती का फ्रेट खर्च 74% घटाएगा IREF; भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स को होगा करोड़ों का फायदा

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (IREF) ने भारतीय चावल निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत और व्यापारिक रणनीति का ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते माल ढुलाई (फ्रेट) खर्च, कंटेनरों की कमी और भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनावों के बीच IREF ने इराक को बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर माल ढुलाई का खर्च लगभग 74 फीसदी घटाने के लिए एक नई बल्क-शिपिंग पहल शुरू की है।

$260 प्रति टन की सीधी बचत

IREF की प्रेस रिलीज के अनुसार, सिंगापुर स्थित कंपनी Eximwala Solutions Pte. Ltd. के साथ रणनीतिक साझेदारी में तीन बड़े जहाजों के जरिए 1,02,210 मीट्रिक टन बासमती चावल का बल्क शिपमेंट इराक भेजा जा रहा है।

खाड़ी (गल्फ) देशों में भारत का दबदबा

IREF के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट देव गर्ग ने बताया कि मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) भारत के कुल बासमती चावल निर्यात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय चावल की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा क्षमता (Competitiveness) को बढ़ाना और एक्सपोर्टर्स के मार्जिन को बचाना है।

वित्त वर्ष 2025-26: मिडिल ईस्ट को भारत का चावल निर्यात

देश बासमती चावल आयात (मूल्य) बासमती चावल मात्रा (टन)
सऊदी अरब

₹8,324 करोड़

—
ईरान

₹6,970 करोड़

—
इराक

₹5,583 करोड़

~7.64 लाख टन

संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

₹4,132 करोड़

—
कुल मिडिल ईस्ट (बासमती)

₹34,284 करोड़

45.64 लाख टन

कुल मिडिल ईस्ट (कुल चावल)

₹39,657 करोड़

56.48 लाख टन

‘भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026’ का आयोजन

IREF ने जानकारी दी कि यह पहल 23 से 25 अक्टूबर तक नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित होने वाली ‘भारत इंटरनेशनल राइस कॉन्फ्रेंस (BIRC) 2026’ से ठीक पहले शुरू की गई है। इस कॉन्फ्रेंस में पोर्ट पर होने वाली देरी, लॉजिस्टिक्स, कार्गो इंश्योरेंस और शिपिंग कॉस्ट पर गंभीर चर्चा होगी। यह कदम फेडरेशन के “एक देश, एक व्यापार, एक नीति” (One Nation, One Trade, One Policy) के विजन का हिस्सा है। चावल निर्यात में बड़ा फैसला: इराक के लिए बासमती का फ्रेट खर्च 74% घटाएगा IREF; भारतीय चावल एक्सपोर्टर्स को होगा करोड़ों का फायदा

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