पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतों में बड़ी कटौती: पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर कि‍या

पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतों में बड़ी कटौती: पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर कि‍या

पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतों में बड़ी कटौती: पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर कि‍या।पाकिस्तान में बढ़ते ईंधन संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है। अब पेट्रोल की नई कीमत 378 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। यह घोषणा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में की।

पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतों में बड़ी कटौती: पेट्रोल 378 रुपये प्रति लीटर कि‍या

इससे पहले सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 485 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा दिया था, जिससे देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और आम जनता में गुस्सा बढ़ने लगा।

सरकार ने बढ़ी कीमतों के पीछे मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, जनता के दबाव के बाद सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले पेट्रोलियम लेवी (टैक्स) में कटौती कर राहत देने का फैसला लिया।

हालांकि, डीजल उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली है। डीजल की कीमत 520 रुपये प्रति लीटर पर ही बनी हुई है, जो हाल ही में 54.9% बढ़ाई गई थी।

जनता को राहत देने के लिए सरकार ने कई अतिरिक्त कदम भी उठाए हैं। इस्लामाबाद में अगले 30 दिनों तक सार्वजनिक परिवहन को मुफ्त कर दिया गया है। पंजाब और सिंध प्रांतों में भी बसों और ट्रकों के लिए सब्सिडी तथा मोटरसाइकिल चालकों और किसानों के लिए राहत पैकेज घोषित किए गए हैं।

ईंधन संकट की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होना बताया जा रहा है, जिससे तेल की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों के कामकाजी दिनों को घटाकर चार दिन करने और स्कूलों में छुट्टियाँ बढ़ाने जैसे कदम भी उठाए हैं।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान जैसी कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन में बाधाओं का दोहरा दबाव पड़ रहा है। IMF ने हाल ही में पाकिस्तान के लिए 1.2 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज का भी प्रस्ताव रखा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल पेट्रोल की कीमतों में कटौती से जनता को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन डीजल की ऊंची कीमतें और वैश्विक परिस्थितियाँ आने वाले समय में चुनौती बनी रह सकती हैं।

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