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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार नियुक्त होगा CEO, 18 जुलाई तक आवेदन; चढ़ावा चोरी कांड के बाद बढ़ी सख्ती

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार नियुक्त होगा CEO, 18 जुलाई तक आवेदन; चढ़ावा चोरी कांड के बाद बढ़ी सख्ती

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार नियुक्त होगा CEO, 18 जुलाई तक आवेदन; चढ़ावा चोरी कांड के बाद बढ़ी सख्ती

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra) से महासचिव चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अयोध्या राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बड़े प्रशासनिक बदलाव शुरू हो गए हैं। मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन (चोरी) और एसआईटी (SIT) जांच की पृष्ठभूमि के बीच, ट्रस्ट ने इतिहास में पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए वैकेंसी निकाली है। चुना जाने वाला व्यक्ति अयोध्या राम मंदिर का पहला सीईओ होगा।

ट्रस्ट ने सोमवार को ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह एक कॉन्ट्रैक्ट आधारित नौकरी होगी, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 18 जुलाई 2026 (शाम 4 बजे तक) तय की गई है।

 CEO पद के लिए क्या हैं योग्यताएं और शर्तें?

राम मंदिर का सीईओ बनने के लिए ट्रस्ट ने कुछ बेहद सख्त और खास नियम तय किए हैं:

  • उम्र सीमा: इस पद के लिए केवल 50 से 70 वर्ष की आयु के अनुभवी लोग ही आवेदन कर सकते हैं।

  • भाषा का ज्ञान: आवेदक को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का बेहतरीन ज्ञान होना अनिवार्य है।

  • कार्यकाल: शुरुआत में यह नियुक्ति 3 साल के अनुबंध (Contract) पर होगी। काम अच्छा रहने पर इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

 क्या होंगी CEO की जिम्मेदारियां? कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने साफ किया है कि सीईओ के कामकाज में सरकार का कोई हस्तक्षेप (Interference) नहीं होगा।

  • भक्तों का भरोसा जीतना: सीईओ की सबसे प्राथमिक जिम्मेदारी ट्रस्ट में भक्तों के अटूट विश्वास को बनाए रखना होगा।

  • वित्तीय व्यवस्था की निगरानी: सीईओ मंदिर की पूरी वित्तीय व्यवस्था (Financial Management) और चढ़ावे की देखरेख करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

  • कर्मचारियों की नियुक्ति: सीईओ अपने कार्यालय के कामकाज के लिए आवश्यक स्टाफ नियुक्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे, हालांकि अंतिम नियंत्रण ट्रस्ट का ही होगा। राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: चंपत राय के इस्तीफे के बाद पहली बार नियुक्त होगा CEO, 18 जुलाई तक आवेदन; चढ़ावा चोरी कांड के बाद बढ़ी सख्ती

  • कमेटी करेगी चयन: उम्मीदवारों की स्क्रूटनी के लिए 3 सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटRetired जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और NIT रायपुर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं।

 चंपत राय के जाने के बाद एक्टिव हुए महंत दिनेंद्र दास

महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष और ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गए हैं। वे रोजाना राम मंदिर जाकर खुद व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। सोमवार को वे मंगला आरती में शामिल हुए और यात्री सुविधा केंद्र का निरीक्षण किया। रविवार को उन्होंने गर्भगृह की श्रृंगार आरती में भाग लेने के साथ-साथ काउंटिंग सेंटर (चढ़ावा गिनती केंद्र) का भी जायजा लिया।

वहीं, नृपेंद्र मिश्रा ने पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि, “उनकी निष्ठा में कोई कमी नहीं थी, बल्कि नीचे के स्तर पर निगरानी (Supervision) की कमी के कारण यह गड़बड़ी हुई।”

 चढ़ावा चोरी कांड के बाद काउंटिंग सेंटर हाईटेक, स्टाफ आधा हुआ

एसआईटी जांच और मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में हुई गिरफ्तारियों के बाद अब सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए जा रहे हैं:

  • बिना जेब के कपड़े: काउंटिंग सेंटर में नोटों की गिनती करने वाला पूरा स्टाफ बिना जेब (No Pockets) वाली टी-शर्ट और पैंट पहनकर काम कर रहा है।

  • आधा हुआ स्टाफ: पहले नोटों की गिनती में करीब 40 लोग लगते थे, लेकिन जांच के बाद अब केवल 23 से 24 लोग ही काम पर आ रहे हैं।

  • एक शिफ्ट में काम: स्टाफ की कमी के कारण अब गिनती सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में नीचे बैठकर की जा रही है।

  • कंट्रोल रूम से नजर: काउंटिंग सेंटर की पल-पल की निगरानी के लिए एक अलग से आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से तीसरी आंख (CCTV) के जरिए सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है।

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