Bhopal Crime News: एसटीएफ ने फर्जी काल सेंटर का किया भंडाफोड़, शेयर में निवेश के नाम पर 12वीं पास जालसाज ने 80 लोगों से ठगे 70 लाख
भोपाल । फर्जी कंपनी खोलकर लोगों के डीमेट खाते खुलवाने और शेयर मार्केट में निवेश करने की सलाह देने के नाम पर 12वीं पास युवक फर्जीवाड़ा कर रहा था। जालसाज ने अशोका गार्डन इलाके में टैंपल रिसर्च नाम की कंपनी खोल रखी थी। पूछताछ में आरोपित ने कुबूल किया है कि वह करीब 80 लोगों से 70 लाख रुपये ऐंठ चुका है। एसटीएफ भोपाल ने उसे गिरफ्तार कर ठगी के इस गोरखधंधे का राजफाश किया है। एसटीएफ को अंदेशा है कि आरोपित ने और भी कई लोगों से धोखाधड़ी की होगी।
एसटीएफ डीएसपी केतन अडलक के अनुसार कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि एक व्यक्ति लोगों के डीमेट खाते खोलकर धोखाधड़ी कर रहा है। इस पर एसटीएफ की टीम ने रायसेन रोड स्थित नानक कांप्लेक्स के एक फ्लैट में छापा मारा। जहां टैंपल रिसर्च कंपनी में काम करती हुईं दस युवतियां मिलीं, जो टेली कालर बनकर अलग-अलग ग्राहकों से फोन पर बात कर रही थीं। जब उस कंपनी के बारे में पता किया तो लोकेश राठौर नाम का व्यक्ति उसका संचालक निकला। लोकेश के पास न कंपनी का रजिस्ट्रेशन मिला और न ही सेबी का लाइसेंस था।
ऐसे फंसाता था जाल में : आरोपित युवतियों को ट्रेनिंग के नाम पर रखता और उनसे लोगों को फोन कराकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। युवतियों से बातचीत में यदि किसी ग्राहक ने रुपये निवेश करने की इच्छा जताई तो उससे आगे की बातचीत लोकेश खुद करता था। इसके बाद उनका डीमेट अकाउंट खुलवाकर आइडी पासवर्ड खुद ही आपरेट करने लगता था। ग्राहक को मुनाफा होता तो कमीशन की रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। यदि घाटा हुआ तो वह ग्राहक से संपर्क तोड़ देता था।
एसटीएफ की पूछताछ में लोकेश ने बताया कि अब तक वह 80 ग्राहकों से करीब 70 लाख रुपये हड़प चुका है। इनमें मप्र और बाहर के भी लोग शामिल हैं। ग्राहकों को वह अपनी कंपनी को सेबी से रजिस्टर्ड बताता था और 95 फीसद सटीक सलाह देने का दावा करता था। एसटीएफ ने उसके दफ्तर से बैनर, सील, टेली कॉलिंग में इस्तेमाल होने वाले 17 मोबाइल फोन, लैपटॉप जब्त कर लिए हैं।
बीई में दाखिला लेकर बीच में पढ़ाई छोड़ी : 12वीं पास लोकेश ने बीई में दाखिला लिया था, लेकिन पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। बाद में एक नौकरी की, लेकिन कोरोना की पहली लहर के दौरान छोड़ दी। वह एक शेयर मार्केट कंपनी में काम करता था। इसके बाद उसने खुद की कंपनी शुरू कर दी और लोगों को ठगने लगा।

