Bhopal Car Terror: भोपाल में 12 KM तक कार से ‘तांडव’ मचाने वाले आरोपी गिरफ्तार; लोकायुक्त पुलिसकर्मी का बेटा भी शामिल, 40 से ज्यादा लोग हुए थे घायल। राजधानी भोपाल की सड़कों पर शनिवार रात नशे की हालत में तेज रफ्तार कार दौड़ाकर करीब 12 किलोमीटर तक कोहराम मचाने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस ने दोनों को एक दिन की रिमांड पर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाली कार लोकायुक्त कार्यालय में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक (Head Constable) के बेटे की है।
इस सनसनीखेज हिट-एंड-रन मामले में पुलिस अब घटना के समय कार में मौजूद रहे तीन अन्य युवकों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। वारदात की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए अलग-अलग थाना क्षेत्रों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
दोस्त की बर्थडे पार्टी में पी शराब, फिर सड़कों पर उतारा मौत का तांडव
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया है, वह बेहद चौंकाने वाला और डराने वाला है:
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कौन हैं आरोपी?: गिरफ्तार आरोपियों में से एक 19 वर्षीय सर्वा दुबे है, जो लॉ (कानून) प्रथम वर्ष का छात्र है। वहीं दूसरा आरोपी आदित्य हरियालिया है, जो एक निजी कॉलेज से बीटेक (B.Tech) की पढ़ाई कर रहा है। आदित्य के पिता ही लोकायुक्त दफ्तर में प्रधान आरक्षक हैं।
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दोनों ने बताया कि वे बैरागढ़ स्थित एक पब/क्लब में अपने दोस्त तुषार की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गए थे। वहां उन्होंने जमकर शराब पी।
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स्टेशन पर बदली ड्राइविंग सीट: शुरुआत में कार आदित्य चला रहा था। लेकिन जब वह हद से ज्यादा नशे में धुत्त हो गया, तो उसने भोपाल रेलवे स्टेशन के पास गाड़ी की स्टीयरिंग लॉ स्टूडेंट सर्वा दुबे को सौंप दी। इसके बाद सर्वा ने एक्सीलेटर पर ऐसा पैर दबाया कि रास्ते में जो आया, उसे रौंदते चले गए।Bhopal Car Terror: भोपाल में 12 KM तक कार से ‘तांडव’ मचाने वाले आरोपी गिरफ्तार; लोकायुक्त पुलिसकर्मी का बेटा भी शामिल, 40 से ज्यादा लोग हुए थे घायल
स्टेशन से मिनाल रेसीडेंसी तक हाहाकार: महिला-बच्चों समेत 40 घायल
शनिवार रात को हुई यह वारदात किसी डरावनी फिल्म जैसी थी। शराब के नशे में अंधा हो चुका सर्वा दुबे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से कार को भगाना शुरू करता है। वहां से लेकर मिनाल रेसीडेंसी तक के 12 किलोमीटर के लंबे रास्ते में जो भी सामने आया— चाहे वह पैदल चलते राहगीर हों, बाइक सवार हों, फल-सब्जी के ठेले वाले हों या फुटपाथ पर खड़े लोग— कार सबको टक्कर मारते हुए आगे बढ़ती रही।
गुस्साई भीड़ ने घेरा: इस जानलेवा रफ्तार के कारण महिला और बच्चों समेत 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे सड़कों पर चीख-पुकार मच गई। हादसे को देख आक्रोशित लोगों और बाइक सवारों ने कार का पीछा करना शुरू किया। आखिरकार मिनाल रेसीडेंसी के पास टायर पंचर होने पर कार रुकी और जनता ने आरोपियों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस खंगाल रही है कुंडली: आरोपियों पर लगेगी कड़ी धाराएं
भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की विस्तृत जांच कर रही है कि घटना के वक्त कार के भीतर कुल कितने लोग मौजूद थे और इस पूरे ‘रोड रेज’ व ‘हिट एंड रन’ के दौरान उनकी क्या भूमिका थी। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से रूट की तस्दीक कराएगी ताकि घायलों और क्षतिग्रस्त हुए वाहनों की सही संख्या और नाम सामने आ सकें।

