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health insurance कराने से पहले जरूर जान लें इन 5 सवालों के जवाब, नहीं तो reject हो जाएगा clam ! जानें पूरी details….

health insurance नमस्कार दोस्तो स्वागत हैं आपका हमारे एक और न्यू आर्टिकल मे, आज-कल कौन सी बिमारी कब बड़ी बिमारी में बदल जाए ये कोई नहीं जानता है. जबकि अस्पतालों में एक से दो दिन रुकने पर लाखों का बिल बन जाता है. इन्हीं सब परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए ज्यादातर लोग health insurance खरीदते हैं. लेकिन health insurance खरीदते समय उनकी ओर से कुछ महत्वपूर्ण बातों को नजर अंदाज करने की वजह से clam settlement का पूरा पैसा नहीं मिलता है. आज हम आपको हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े 5 महत्वपूर्ण सवालों के बारे में बताने वाले, जो हेल्थ इंश्योरेंस subscribe करने से पहले आपको जरूर जानना चाहिए. अधिक जानकारी के लिए बने रहिये हमारे इस अर्टिकले मे

health insurance क्या plan मे sub limit है?
किसी भी health insurance में sub limit नहीं होना पूरे clam का सेटलमेंट नहीं होने के कारणों में से एक है. sub limit का मतलब होता है कि बीमा कराने वाला व्यक्ति निश्चित मद के तहत एक निश्चित अमाउंट से अधिक का भुगतान नहीं करेगा, चाहे वह बीमित राशि का प्रतिशत हो या फिक्स अमाउंट हो. आपको समझने के लिए बता दें, यदि बीमा कंपनी ने किसी बीमाकर्ता के कमरे का किराया पर इंस्योर्ड पर्सेंटेपर्सेंट 1 प्रतिशत फिक्स किया हो और उसका इश्योरेंस कवर 5 लाख का हो तो, ऐसे में बीमाकर्ता कमरे के किराए के एवज में 5,000 रुपये से अधिक का पेमेंट नहीं करेगा.

health insurance क्या insurance में पहले से मौजूद बिमारियों के लिए cover है?
अगर आप बीमा पॉलिसी खरीदते समय किसी बिमारी से ग्रसित हैं, ऐसे में बीमारी कवर होने से पहले आपको आमतौर पर 1-3 साल तक का इंतजार करना होगा. इसके अलावा आपको बीमा कंपनी के शर्तों के आधार पर आपको बीमा प्रीमियम भी बढ़ाना होगा.

health insurance आपको किस बीमारी के बारे में जानकारी देनी चाहिए?
कोई भी हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले आप को सभी प्रकार की बिमारियों के बारे में जानकारी देनी चाहिए. जैसे- आप किसी बिमारी के लिए दवा खा रहे हैं या अस्पताल में भर्ती हुए हैं. इसके अलावा आपको ठीक हो चुकी बिमारियों के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए. वहीं, कुछ बीमा कंपनियां आपके परिवार के सदस्यों की बिमारियों के बारे में भी जानकारी मांगते हैं. अगर आप ने बीमा खरीदते समय इन जानकारियों का खुलासा नहीं किया तो, बीमा कंपनियां नॉन- डिस्क्लोजर के तहत आपका क्लेम रद्द कर सकती हैं.

 . Cla process और settlement ratio क्या है?
किसी भी health insurance कंपनी से पॉलिसी खरीदते समय आपको उस पॉलिसी के सेटलमेंट रेसियो और क्लेम प्रक्रिया के बारे में जरूर जानकारी ले लेनी चाहिए. ताकि आप किसी बीमारी के लिए hospital में भर्ती होने से पहले क्लेम प्रोसेस को आसानी से कर सकें. इसके लिए आपको अप्रूवल, जरूरी दस्तावेज, वेरीफिकेशन, TPA डिटेल समेत सभी जरूरी प्रक्रिया के बारे में जान लेना चाहिए. इसके अलावा आपको बीमा कंपनी से उसके क्लेम सेटलमेंट रेसियो के बारे में पूछना चाहिए. अगर एक अच्छे क्लेम सेटलमेंट रेसियो की बात करें तो 95 फीसदी से अधिक होना चाहिए.

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पॉलिसी एक्सक्लुशन क्या है?
किसी भी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने से पहले आप को पॉलिसी एक्सक्लुशन या बहिष्करण के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. कई बारे इसके तहत भी क्लेम को रिजेक्ट कर दिया जाता है. पॉलिसी एक्सक्लुशन के तहत आने वाली बिमारियों को बीमा कंपनियां नहीं कवर करती हैं. ऐसे में आपको यह जान लेना चाहिए की पॉलिसी के तहत किस प्रकार की बिमारियां, स्पेशल सर्जरी, बिलिंग में गैर चिकित्सा व्यय शामिल है या नहीं.

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