Site icon Yashbharat.com

सावधान! अनजान फोटो पर क्लिक, खाते से 2 लाख रुपए निकले, पीड़ित बोला- वॉट्सऐप पर तस्वीर आई; पूछा था- क्या आप इस व्यक्ति को जानते हैं

18 05 2021 05 09 2018 user artificial inteligence 18391605 21654555

सावधान! अब लिंक नहीं, फोटो भेजकर ठगी कर रहे….अनजान फोटो पर क्लिक, खाते से 2 लाख रुपए कटे:पीड़ित बोला- वॉट्सऐप पर तस्वीर आई; पूछा था- क्या आप इस व्यक्ति को जानते हैं*

जबलपुर में एक शख्स के वॉट्सऐप पर अनजान नंबर से एक फोटो भेजी गई, जिसे क्लिक करते ही मोबाइल अपने आप हैक हो गया। कुछ ही देर में बैंक खाते से 2 लाख 1 हजार रुपए निकल गए।

ठगों ने फोटो पर छपी लिंक के जरिए फोन पर एक ऐप डाउनलोड करवा दिया, जिससे ओटीपी और बैंक डिटेल्स सीधे उनके पास पहुंच गईं। पीड़ित ने अपने साथ हुई इस ठगी की शिकायत साइबर सेल और कोतवाली पुलिस से की है।

कोतवाली क्षेत्र के प्रदीप जैन 28 मार्च को अपने घर पर थे। सुबह करीब 9 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर  से कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनके वॉट्सऐप पर एक बुजुर्ग की फोटो भेजी और पूछा- क्या आप इस व्यक्ति को जानते हैं?

प्रदीप ने पहले मैसेज और कॉल को अनदेखा कर दिया। लेकिन कुछ देर बाद फिर से वही कॉल आया और वही सवाल पूछा गया। दोपहर करीब 1:35 बजे उसी नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार प्रदीप जैन ने गुस्से में जवाब दिया- मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता। ये कहकर उन्होंने फोन काट दिया।

ऐप के डाउनलोड होते ही मोबाइल हैक

इसके कुछ देर बाद प्रदीप जैन के मोबाइल पर अपने आप एक “कस्टमर सपोर्ट” नामक ऐप डाउनलोड हो गया। इसी दौरान साइबर ठग ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। दोपहर में उनके मोबाइल पर केनरा बैंक से मैसेज अलर्ट आया।

पहले 1 रुपए उनके खाते में क्रेडिट किए गए। फिर कुछ ही मिनटों में 1 लाख रुपए और फिर 1 लाख 1 हजार रुपए उनके खाते से डेबिट हो गए। प्रदीप जैन को कुछ समझ नहीं आया कि यह सब कैसे हो रहा है।

वे तुरंत बैंक पहुंचे और बैलेंस चेक किया, तो उनके खाते से 2 लाख 1 हजार रुपए निकल चुके थे। उन्होंने फौरन खाते को सीज करवाया और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवाई।

हैदराबाद के एटीएम से निकाले गए रुपए

बैंक स्टेटमेंट की जांच में सामने आया कि यह ट्रांजैक्शन “IB IBF” नाम के अकाउंट के जरिए हुआ था। यह खाता केनरा बैंक हैदराबाद में हाल ही में खुलवाया गया था। ठगों ने एटीएम के जरिए सारा पैसा निकाल लिया।

प्रदीप जैन की पासबुक में “विशाल ऑनलाइन” और “जन्नतुन बीबी ऑनलाइन” नाम से संदिग्ध लेन-देन दिखाई दिए। साइबर ठगों ने सुबह 9:38 बजे से लेकर शाम 5:12 बजे तक लगातार वॉट्सऐप पर डॉट (.) मैसेज भेजकर यह जांच की कि वे ऑनलाइन हैं या नहीं।

ठग ने दोबारा पैसे निकालने की कोशिश की

प्रदीप जैन के खाते से रुपए निकलने के बाद उन्होंने फौरन उसे सीज करवा दिया। लेकिन इसके बावजूद, ठग ने 96 हजार रुपए की एक और ट्रांजैक्शन करने की कोशिश की। साइबर फ्रॉड एक्सेस पाने के लिए लगातार मैसेज कर रहे थे। हालांकि, खाता सीज होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो पाए।

पीड़ित बोला- बैंक ने भी लापरवाही बरती

पीड़ित प्रदीप जैन ने बताया कि जब उन्होंने बैंक को इस धोखाधड़ी की सूचना दी, तो बैंक ने फौरन कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। उन्हें पहले साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। साइबर हेल्पलाइन ने भी तुरंत रिपोर्ट नहीं ली।

ऐसे में अगले दिन बैंक में जाकर लिखित शिकायत देनी पड़ी। 29 मार्च को ही उन्होंने पुलिस को भी शिकायत दी। इस मामले की जांच अब साइबर सेल और कोतवाली पुलिस कर रही है।

पीड़ित बोला- ठगों के पास सीधे कॉल-मैसेज पहुंच रहे थे

प्रदीप कुमार जैन ने बताया कि पहले तो अपने आप (CUSTOMER SUPPORT) “ग्राहक सेवा” नाम का ऐप फोन पर डाउनलोड हो गया था। इस ऐप में स्कैमर के वॉट्सऐप नंबर के समान डिस्प्ले पिक्चर (DP) थी।

प्रदीप कुमार ने बताया कि साइबर ठग के द्वारा ऑनलाइन पैसे निकाले जाने पर चेक करने के लिए केनरा बैंक की तरफ से कॉल किया, तो साइबर फ्रॉड ने मेरी ओर से जवाब दिया और मेरे होने का नाटक किया।

अब लिंक नहीं, फोटो भेजकर ठगी कर रहे हैं

साइबर सेल के अधिकारी नीरज नेगी ने बताया कि पहले ठग ओटीपी (OTP) और फिशिंग लिंक के जरिए ठगी करते थे। जब लोग सतर्क हुए, तो अब उन्होंने स्टेगनोग्राफी (Steganography) नाम की तकनीक अपनाई है।

इसमें ठग वॉट्सऐप पर कोई सामान्य सी फोटो भेजते हैं। जैसे ही कोई इसे क्लिक करता है, एक अदृश्य लिंक सक्रिय हो जाती है, जिससे मोबाइल में एक एप्लीकेशन अपने आप डाउनलोड हो जाती है। इसके बाद ठग को उस मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल जाता है और वह बैंक खाते से पैसे निकाल लेता है।

Exit mobile version