कटनी | बुधवार, 29 अप्रैल 2026: सावधान! गलत जानकारी देकर कराया श्रम पंजीयन तो होगी कानूनी कार्रवाई; ESIC और EPFO विवरण देना अब अनिवार्य। मध्यप्रदेश के श्रम विभाग ने ‘दुकान एवं अन्य वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम 1958’ के तहत पंजीयन प्रक्रिया को लेकर नियोजकों (Employers) के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैंक ऋण या अन्य लाभों के लिए गलत जानकारी देकर पंजीयन कराने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सावधान! गलत जानकारी देकर कराया श्रम पंजीयन तो होगी कानूनी कार्रवाई; ESIC और EPFO विवरण देना अब अनिवार्य
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और समग्र आईडी से सत्यापन
प्रदेश में निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ‘श्रम सेवा पोर्टल’ के माध्यम से त्वरित पंजीयन की सुविधा दी गई है। हालांकि, विभाग ने पाया है कि कुछ लोग इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।
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अनिवार्य सत्यापन: विभाग अब प्रत्येक आवेदन का सत्यापन समग्र आईडी के माध्यम से अनिवार्य रूप से कर रहा है।
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स्वेच्छा से निरस्तीकरण: यदि किसी संस्थान ने पूर्व में गलत जानकारी के आधार पर पंजीयन करा लिया है, तो वे पोर्टल पर जाकर इसे स्वेच्छा से निरस्त कर सकते हैं। ऐसा करने पर वे भविष्य की कानूनी कार्रवाई से बच सकेंगे।
ESIC और EPFO विवरण अब जरूरी
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों की संख्या के आधार पर निम्नलिखित विवरण देना अनिवार्य है:
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10 या अधिक श्रमिक: संस्थान को अपना ESIC पंजीयन नंबर पोर्टल पर दर्ज करना होगा।
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20 या अधिक श्रमिक: संस्थान के लिए ESIC एवं EPFO (भविष्य निधि) दोनों पंजीयन नंबर दर्ज करना अनिवार्य है।
नियोजकों से पारदर्शिता की अपील
श्रम विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में एक पारदर्शी और उत्तरदायी कार्य वातावरण बनाना है। विभाग ने नियोजकों से अपेक्षा की है कि वे सत्य और सटीक जानकारी प्रदान करते हुए नियमों का स्वप्रेरित अनुपालन (Self-compliance) सुनिश्चित करें ताकि श्रमिक हितों का संरक्षण हो सके।
प्रमुख बिंदु (Highlights):
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पोर्टल: श्रम सेवा पोर्टल के माध्यम से होंगे सभी कार्य।
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सख्ती: गलत जानकारी पर पंजीयन होगा निरस्त, होगी कानूनी कार्रवाई।
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नियम: 10+ और 20+ श्रमिकों वाले संस्थानों के लिए नए अनुपालन नियम।

