Friday, May 1, 2026
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Bargi Dam Survivor Story: ‘मेरे सामने ही खत्म हो गया पूरा कुनबा’, बरगी हादसे के चश्मदीद रियाज की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

Bargi Dam Survivor Story: ‘मेरे सामने ही खत्म हो गया पूरा कुनबा’, बरगी हादसे के चश्मदीद रियाज की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी। जबलपुर बरगी बांध क्रूज हादसे में जीवित बचे रियाज ने सुनाई आपबीती। “मैंने अपनी आंखों के सामने लोगों को चीखते और डूबते देखा… पानी इतना गहरा था कि चाहकर भी किसी की मदद नहीं कर पाया।” यह शब्द हैं रियाज के, जो जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे में मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकले हैं। रियाज ने पानी की लहरों के बीच करीब 3 घंटे तक संघर्ष किया, तब जाकर उनकी जान बची।

वह खौफनाक मंजर: जब लहरों ने क्रूज को निगल लिया

रियाज ने बताया कि शाम का वक्त था, अचानक तेज आंधी चली और लहरें इतनी ऊंची उठीं कि क्रूज असंतुलित हो गया। देखते ही देखते क्रूज एक तरफ झुक गया और चीख-पुकार मच गई। “लोग एक-दूसरे को पकड़ रहे थे, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि सब बिखर गए। मैंने अपने बगल में एक पूरे परिवार को डूबते देखा, उनके बच्चे रो रहे थे, लेकिन देखते ही देखते सब खामोश हो गए।”

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3 घंटे तक मौत से जंग

हादसे के बाद रियाज ने पानी में तैरते हुए एक लकड़ी के टुकड़े (या क्रूज के मलबे) को पकड़ लिया। अंधेरा होने के कारण उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। रियाज के मुताबिक, “मुझे लगा अब मैं नहीं बचूंगा। पैर सुन्न हो रहे थे, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। करीब 3 घंटे बाद जब रेस्क्यू टीम की लाइट दिखी, तब मन में जीने की उम्मीद जगी।”

लापरवाही पर उठाए सवाल

अस्पताल में इलाज करा रहे रियाज का कहना है कि क्रूज पर क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे और लाइफ जैकेट की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद आज कई परिवारों की खुशियां नहीं उजड़तीं। Bargi Dam Survivor Story: ‘मेरे सामने ही खत्म हो गया पूरा कुनबा’, बरगी हादसे के चश्मदीद रियाज की रोंगटे खड़े करने वाली कहानी

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि