बरगी क्रूज हादसा: पर्यटकों की जान ‘सस्ती’, सुरक्षा ‘महंगी’! 200 के टिकट में नहीं था बीमा का कवर; पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर
बरगी क्रूज हादसा: पर्यटकों की जान ‘सस्ती’, सुरक्षा ‘महंगी’! 200 के टिकट में नहीं था बीमा का कवर; पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर। बरगी बांध में 30 अप्रैल की वो काली शाम अब मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के लिए गले की फांस बन गई है। हादसे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि क्रूज की सवारी करने वाले पर्यटकों के लिए बीमा (Insurance) का कोई प्रावधान ही नहीं था।
बरगी क्रूज हादसा: पर्यटकों की जान ‘सस्ती’, सुरक्षा ‘महंगी’! 200 के टिकट में नहीं था बीमा का कवर; पर्यटन विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर
महज 200 रुपये का टिकट, सुरक्षा शून्य
सैर-सपाटे के नाम पर पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालकर महज 200 रुपये का टिकट लेकर क्रूज पर सवार हुए थे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस टिकट में किसी भी प्रकार का ‘अनिवार्य बीमा’ शामिल नहीं था। इसका सीधा मतलब यह है कि हादसे का शिकार हुए परिवारों को विभाग की ओर से कोई तत्काल वित्तीय सुरक्षा या क्लेम मिलने का रास्ता नहीं है।
लाइफ जैकेट का ‘दिखावा’ पड़ा भारी
प्रत्यक्षदर्शियों और जीवित बचे लोगों के अनुभवों ने सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं:
- लाइफ जैकेट की कमी: क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग थे और उनके मुकाबले लाइफ जैकेट बेहद कम थीं।
- मानकों की अनदेखी: कई जैकेट फटी हुई और पुरानी थीं, जो संकट के समय काम नहीं आईं।
- अनिवार्यता का अभाव: राज्य में पर्यटन गतिविधियों के साथ बीमा को अब तक अनिवार्य नहीं किया गया है, जो नीतिगत स्तर पर एक बड़ी खामी है।
अब उठ रहे हैं ये गंभीर सवाल:
- क्या पर्यटकों की सुरक्षा केवल भगवान भरोसे है?
- हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी किसकी है?
- बिना बीमा और पर्याप्त लाइफ जैकेट के क्रूज को चलाने की अनुमति किसने दी?

