कलेक्टर का बयान – प्रमुख बिंदु:

  1. दुर्घटना और बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन): कलेक्टर ने इस बात की पुष्टि की कि बरगी बांध में एक क्रूज बोट, जिस पर कई पर्यटक सवार थे, दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमों को बचाव के लिए भेजा।

  2. मीडिया रिपोर्टों पर संवेदनशीलता: कलेक्टर ने प्रमुख समाचार आउटलेट्स, द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों पर ध्यान दिया, जिसमें रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान “बेटे को सीने से चिपकाए मां की लाश” मिलने की मार्मिक खबर शामिल थी। उन्होंने इस खबर की संवेदनशीलता को स्वीकार किया और कहा साथ ही बताया कि यह फोटो एआई जनरेटेड है और इसका बरगी क्रूज दुर्घटना से कोई संबंध नहीं है प्रशासन इन सभी सूचनाओं को ध्यान में रखकर काम कर रहा है।

  3. जांच का आश्वासन: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार सभी कारकों की विस्तृत जांच की जाएगी। इसमें क्रूज नौका की सुरक्षा प्रोटोकॉल, क्षमता से अधिक यात्रियों के आरोपों, और सुरक्षा उपायों की पर्याप्तता जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

  4. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील: कलेक्टर ने जनता से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली निराधार अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों या विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक जानकारी फैलाने से बचाव अभियान में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन पीड़ितों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि बचाव अभियान जल्द से जल्द पूरा हो।

बरगी हादसा: “सीने से लिपटे मां-बेटे का शव मिलना हृदय विदारक, पर सोशल मीडिया की फर्जी फोटो से बचें”- कलेक्टर जबलपुर