Baraipura Theft Case: न बदमाश, न गिरोह; घर के बच्चे ने रची चोरी की साजिश, टीआई आनंद राज ने ऐसे सुलझाई गुत्थी। शहर के बरईपुरा (शंकरटीला) इलाके में पिछले दिनों हुई लाखों की चोरी की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 7 लाख रुपये के गहने पार करने वाला कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि घर का ही एक बच्चा निकला। पुलिस की सूझबूझ से न केवल आरोपी पकड़ा गया, बल्कि सारा माल भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
न ताला टूटा, न दरवाजा: यहीं से फंसा बच्चा
चोरी की सूचना मिलते ही जब कोतवाली टीआई आनंद राज अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, तो उन्हें कुछ अजीब लगा। घर की अलमारी और दरवाजों के ताले पूरी तरह सुरक्षित थे। बिना किसी तोड़-फोड़ के इतनी सफाई से 7 लाख के जेवर गायब होना पेशेवर बदमाशों के बस की बात नहीं थी। पुलिस ने जब घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और घर के सदस्यों से बारीकी से पूछताछ की, तो एक बालक के बयानों में विरोधाभास नजर आया।
खजाने की तरह पेड़ के नीचे दबाया माल
कड़ाई से पूछताछ करने पर बालक टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। बालक ने बताया कि उसने जेवर बेचने के बजाय उन्हें घर के पास ही एक पेड़ के नीचे गड्ढा खोदकर छिपा दिया था।पुलिस जब बालक की निशानदेही पर पेड़ के पास पहुंची और खुदाई शुरू की, तो वहां से चांदी की तीन करधोनियां, पायल, चूड़ियां और सोने का कीमती मंगलसूत्र बरामद हुआ। बरामद हुए आभूषणों की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये बताई जा रही है।
मनोवैज्ञानिक पहलू की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चे ने यह कदम क्यों उठाया। क्या वह किसी दबाव में था या केवल शौक के लिए उसने ऐसा किया। फिलहाल पुलिस ने सारा माल जब्त कर लिया है और मामले की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

